देश – विदेश में नागरी लिपि का प्रचार प्रसार करने वाली प्रतिनिधि संस्था नागरी लिपि परिषद, साझा संसार, नीदरलैंड और विश्वरंग, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में नागरी लिपि के वैश्विक परिदृश्य पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता विश्वरंग के अध्यक्ष एवं रविन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलाधिपति डॉ संतोष चौबे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नागरी लिपि परिषद के महामंत्री एवं न्यूयॉर्क अमेरिका से प्रकाशित वैश्विक हिंदी पत्रिका सौरभ के प्रधान संपादक डॉ हरिसिंह पाल उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ नीदरलैंड की नागरी हिंदी सेवी सुश्री अश्विनी केगांवकर के संचालन में अमरोहा की कवयित्री श्रीमती शशि त्यागी की नागरी वंदना से हुआ। संगोष्ठी में आस्ट्रेलिया के नागरी हिंदी सेवी डॉ चार्ल्स एस थाम्सन, इटली प्रवासी उर्मिला चकवर्ती, डेनमार्क की डॉ अर्चना पेन्यूली, ब्रिटेन की ऋचा जैन, जर्मनी की डॉ शिप्रा शिल्पी, नीदरलैंड की श्रीमती राधिका लाम्बे ने नागरी हिंदी की शिक्षण पद्धतियों की व्याख्या करते हुए अपने अपने अनुभव साझा किए। संगोष्ठी संयोजक एवं साझा संसार के अध्यक्ष और नागरी लिपि परिषद की नीदरलैंड इकाई के प्रभारी डॉ रामा तक्षक ने विषय का प्रतिपादन प्रस्तुत किया और अतिथियों का परिचय दिया। मुख्य अतिथि डॉ हरिसिंह पाल ने नागरी लिपि परिषद की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए नागरी लिपि की वैश्विकता पर चर्चा की। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और विश्व बंधुत्व में नागरी लिपि की आवश्यकता पर बल दिया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो संतोष चौबे ने विश्व रंग की गतिविधियों को उजागर किया और इसकी 65 देशों की जानकारी दी। संगोष्ठी में मारीशस के डॉ सोमदत्त काशीनाथ, उज़्बेकिस्तान के डॉ उल्फाथान मुहीबोवा, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया की डॉ सुनीता शर्मा, नेपाल के प्रो. अजय कुमार झा, दुबई के श्री नितिन उपाध्ये, अमेरिका से सुषमा मल्होत्रा और दीप्ति अग्रवाल, कोहिमा नागालैण्ड के डॉ बी पी फिलिप, गुवाहाटी असम की डॉ नंदिता राजवंशी और डॉ थेसो कापी, चेन्नई तमिलनाडु के एस अनंत कृष्णन, मदुरै के प्रो डेनियल राजेश, तिरुवनंतपुरम केरल की डॉ सी जे प्रसन्न कुमारी, विशाखापत्तनम की डॉ विजया भारती जेल्दी, भुवनेश्वर, ओडिशा के हरेराम पंसारी, नागपुर के डॉ कमल किशोर गुप्ता, डॉ अनीता वानखेड़े और डॉ मधु भंभानी, गुजरात की डॉ वर्षा सोलंकी और डॉ सुनील मानस, जालंधर, पंजाब की डॉ वीना विजय उदित, बीकानेर राजस्थान के डॉ रामचंद्र स्वामी, पटना की डॉ शिप्रा मिश्रा, सोनी स्वाति, रायपुर छत्तीसगढ़ की डॉ मुक्ता कौशिक , अवंतिका शर्मा और डॉ रतिराम गढेवाल, इंदौर की डॉ कला जोशी, उत्तराखंड की सरोजिनी नौटियाल, डॉ निशा शर्मा और राकेश, वर्धा से डॉ पिया माली, कोडरमा, झारखंड से डॉ अशोक अभिषेक, डॉ ब्रजेश कुमार पाल, किशनवीर सोलंकी, दिल्ली से प्रो मनोज कैन, राजीव कुमार पाल डॉ मोहन बहुगुणा आदि।











