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भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन

 

बीरगंज, नेपाल, ८ नवंबर। भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज के तत्वावधान में एक भव्य हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें भारत और नेपाल के प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीना ने की, जबकि मंच संचालन मनीष दास (Consul) ने अपने प्रभावशाली अंदाज़ में किया।

सम्मेलन में कुल करीब 100 श्रोता उपस्थित थे, जिनमें साहित्यप्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और विद्यार्थी वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही।

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कार्यक्रम में जिन रचनाकारों ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं, उनमें शामिल थे —
राम भरोस ‘कपरी भ्रमर’ (जनकपुर), हरेंद्र हिमकर (रक्सौल), सतीश चंद्र ‘सजल’, डॉ. सुचित शर्मा, शंकर नारायण यादव, प्रमोद पांडेय, अमोद गुप्ता, ऋतुराज, अनीता साह, जानकी गोस्वामी, अस्मिता पटेल, प्रिया मिश्रा, गीता कर्ण, अशोक बैद और सच्चिदानंद सिंह।

कवियों ने विविध विषयों पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं — जिनमें देशप्रेम, संस्कृति, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाएँ प्रमुख रहीं। हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने भी सभागार में उत्साह और उल्लास का माहौल बनाया।

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अंत में अध्यक्षीय संबोधन में महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीना ने कहा कि “हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत और नेपाल को जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु है।” उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने वाला मंच बताया।

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