मेरा देश ‘बाल कविता’ प्रतियोगिता
हिमालिनी ज्ञानकुंज
‘बाल कविता’ प्रतियोगिता
मेरा देश
ट्विंकल पांड्या कक्षाः १२ डीएवी विद्यालय, जावलाखेल, ललितपुर
केवल जमीन का कोई
टुकड़ा नहीं है मेरा देश,
यह है मेरा अस्तित्व
और मेरी पहचान है ।
लाखों बार सिर झुकाए
हमने वतन के आगे,
इस देश को मेरा
कोटि कोटि प्रणाम है ।
देश प्रेम वह गीत है,
जो दिल से गाया जाता है ।
यह रिश्ता है हमारा मिट्टी से
जो हर पल निभाया जाता है ।
आज भी इसकी मिट्टी
हमारी साँसों में बसी है
यह वह संकल्प है जो
हर दिल में बसाया जाता है ।
देश प्रेम वह कर्तव्य है
जो हर किसी के मन में है बसा
न कोई जाति, न कोई रंग,
न कोई धर्म है इसका हिस्सा ।
ये वह सूरज की किरण है,
जो हर अँधेरे को चीरती है ।
इसकी रोशनी से उज्वल
हो उठती चारों दिशाएँ है ।
इस देश ने हमें नाम दिया,
उड़ने को आसमान दिया
हर हक, हर सम्मान दिया ।
हम चाहे जीतना भी कर लें,
ये कर्ज ना चुका हम पाएँगेए,
पर हँसते हुए जीवन भर इसके लिए
कुछ न कुछ लौटाकर जाएँगे ।

कक्षाः १२
डीएवी विद्यालय, जावलाखेल, ललितपुर

