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भारतीय राजदूतावास द्वारा “हिंदी साहित्य उत्सव” के संदर्भ में साहित्यिक चर्चा आयोजित

 

हिमालिनी डेस्क, 31 अक्टूबर, 2025, काठमांडू । भारतीय राजदूतावास ने गुरुवार को नेपाल –  भारत पुस्तकालय  में हिंदी साहित्य उत्सव  के सन्दर्भ  पर एक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया । संगोष्ठी में आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र, प्रसिद्ध हिंदी कवि, लेखक और निबंधकार रामधारी सिंह` दिनकर`, 19 वीं सदी के एक महान् भारतीय समाज सुधारक, शिक्षाविद् और लेखक  तथा आधुनिक बंगाली भाषा का जनक ईश्वर चंद्र विद्यासागर, महान् हिन्दू दार्शनिक, समाज सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती, समादृत साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल ,  पंजाबी भाषा की पहली कवयित्री और 20 वीं सदी की सबसे लोकप्रिय लेखिकाओं में से एक अमृता प्रीतम  तथा कलम का जादूगर रामवृक्ष बेनीपुरी   जैसे लेखकों के साहित्यिक योगदान पर गहराई से चर्चा की गई । 

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दूतावास के डॉ. धनेश द्विवेदी ने अपने स्वागत भाषण में संगोष्ठी के उद्देश्य, लक्ष्य एवं प्रयोजन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए  आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र की जीवनी एवं साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की ।

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि सहायक प्रोफेसर विनोदकुमार विश्वकर्मा ने भारतेंदु हरिश्चन्द्र,  ईश्वर चंद्र विद्यासागर, श्रीलाल  शुक्ल,  रामधारी सिंह `दिनकर`, रामवृक्ष  बेनीपुरी और दयानंद  सरस्वती के साहित्यिक योगदान पर संक्षिप्त चर्चा की तथा महान्  लेखिका अमृता प्रीतम के साहित्यिक योगदान पर भी गहन चर्चा की । अमृता प्रीतम के साहित्यिक योगदान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा,”अम्रीता प्रीतम के योगदान ने न केवल पंजाबी साहित्य को समृद्ध किया है, बल्कि वैश्विक साहित्यिक परिदृश्य का सम्मान करते हैं, जिनके शब्द आज भी दिलों और दिमागों को जगाते हैं और कहानी कहने  की शक्ति के प्रति गहरी समझ को बढ़ावा देते है ।”

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संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय विद्यालय की शिक्षिका  रूचि भारद्वाज ने दयानंद सरस्वती तथा इसी विद्यालय के  शिक्षक अनूप चौधरी ने  रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के साहित्यिक योगदान पर गहराई से प्रकाश डाला । इसी प्रकार, विशिष्ट अतिथि डीएवी सुशील केडिया विश्व भारती  स्कूल की शिक्षिका स्मृति श्रीवास्तव ने श्रीलाल शुक्ल की जीवनी और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की ।

संगोष्ठी में डीएवी सुशील केडिया विश्व भारती स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय और इंडियन मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों ने  भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, रामधारी सिंह `दिनकर`, श्रीलाल शुक्ल, दयानंद सरस्वती, रामवृक्ष बेनीपुरी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर तथा अमृता प्रीतम  के साहित्यिक योगदान के साथ-साथ उनकी काव्य रचनाओं का भी पाठ किया ।

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संगोष्ठी में कई गणमान्य अतिथियों सहित संस्थान के विद्यार्थी उपस्थित थे । सेमिनार में केन्द्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य ए. जेराल्ड  ने मुख्य अतिथि एवं अतिथियों का स्वागत तथा  सम्मान किया । मंच का संचालन केन्द्रीय विद्यालय  के स्नातकोत्तर शिक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी ने किया और  धन्यवाद ज्ञापन दूतावास के डॉ. धनेश द्विवेदी ने किया ।

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