Sat. Mar 7th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सप्तदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत वेबिनार-श्रृंखला -०६ का सफल समापन

दिनांक 11 सितम्बर 2025, 111 लोगों की आनलाइन उपस्थिति में संध्या 7:00 से 9:45 बजे, गूगल मीट के माध्यम से आयोजित अन्तिम एवं समापन सत्र ने इस सप्तदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार को एक अविस्मरणीय उपलब्धि प्रदान की। *इस समापन सत्र में भारत सहित नॉर्वे, शिकागो (अमेरिका), नेपाल, इटली, पेरू और सिंगापुर से आए विद्वानों ने अपनी सहभागिता दी।*

*कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनन्द कुमार त्रिपाठी (भारतीय राजदूतावास, काठमाण्डू, नेपाल) एवं सुश्री रोमा (इटली) द्वारा किया गया*। प्रारम्भ में वैदिक मंगलाचरण पीयूष झा तथा लौकिक मंगलाचरण देवांशी मिश्रा ने प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् स्वागत भाषण डॉ. सदानन्द झा (मुख्य सम्पादक, जाह्नवी) एवं कार्यक्रम परिचय डॉ. बिपिन कुमार झा (कार्यक्रम निदेशक) द्वारा हुआ।

प्रो. रिपुसूदन सिंह (कार्यक्रम समन्वयक) ने विषयोपस्थापन किया तथा डॉ. दीपिका दीक्षित (आयोजक सचिव) ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
*समारोह को प्रो. सुखवीर सिंह (पूर्व संकायाध्यक्ष, SBSPCR, नालन्दा), *सारस्वतातिथि श्री अखिलेश मिश्र (माननीय राजदूत, भारतीय राजदूतावास, आयरलैण्ड्), विशिष्टातिथि प्रो. राजकुमार मित्तल (कुलपति, BBAU) एवं सह-अध्यक्ष डॉ. सुमन् के. एस् (OSD, त्रिपुरा विश्वविद्यालय) ने सम्बोधित किया।*

मुख्यातिथि वक्तव्य प्रो. जी. एस्. आर्. कृष्णमूर्ति (कुलपति, राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, तिरुपति) द्वारा प्रदान किया गया। अध्यक्ष प्रो. असंग तिलकरत्न (कुलपति, कोलम्बो विश्वविद्यालय, श्रीलंका) अनुपस्थित रहे, किन्तु उन्होंने अपने शुभकामना संदेश प्रेषित किए। कार्यक्रम का समापन डॉ. ज्योत्स्ना द्विवेदी (संयोजिका) के धन्यवाद ज्ञापन एवं श्री विश्वेश्वर कुमार पाण्डेय (छात्र-संयोजक) द्वारा शान्तिमन्त्र से हुआ।

यह भी पढें   दोलखा में बुथ प्रतिनिधियों को लिया गया नियंत्रण में

इस अवसर पर समस्त आयोजन समिति सदस्य, सह-समन्वयक, 21 आयोजन सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं पूर्वसत्रीय अतिथिगण भी उपस्थित रहे।

✨ कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियाँ ✨

यह सम्पूर्ण वेबिनार Zero Budget Program के रूप में सम्पन्न हुआ, जो भारतीय परम्परा में सहयोग, आत्मीयता एवं निःस्वार्थ सेवा की भावना का अनूठा उदाहरण है।

कुल 157 शोध-पत्र प्रस्तुत हुए।

7 दिनों में 13 सत्र सम्पन्न हुए।

कुल 603 प्रतिभागी (कुलपति 10, पूर्व कुलपति/पंजीयक 05, विभागाध्यक्ष/सहायक पंजीयक 16, अध्यापक वर्ग 51, छात्र 521) ने सक्रिय सहभागिता की।

यह भी पढें   सर्लाही क्षेत्र नं. ४ में मतदान स्थल में मतदाताओं बीच विवाद

*नॉर्वे, शिकागो, नेपाल, इटली, पेरू, भारत एवं सिंगापुर से विद्वानों ने सहभागिता दी।*

यह अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार-श्रृंखला न केवल अष्टादश विद्यास्थान (चार वेद, चार उपवेद, छह वेदाङ्ग, न्याय, मीमांसा, पुराण एवं धर्मशास्त्र) को केन्द्र में रखकर आयोजित हुई, बल्कि प्राचीन भारत की अन्य दर्शनीय परम्पराएँ, संगम साहित्य, चतुःषष्ठिकला (64 कलाएँ) तथा विदेह-वैदेही (भारतीय ज्ञान परम्परा में नारी का योगदान) को भी विमर्श का आधार बनाया गयाI

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *