केरल के अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में नेपाल का प्रतिनिधित्व करेंगे दो नेपाली कवि
काठमांडू, 14 अगस्त 2025 — केरल के त्रिशूर में 17 से 21 अगस्त तक आयोजित होने जा रहे द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव (ILFK) में नेपाल के दो प्रमुख कवि, भुवन थपलिया और अमर आकाश, नेपाल का प्रतिनिधित्व करेंगे।
केरल साहित्य अकादमी और केरल सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव “जन–महोत्सव” के रूप में जाना जाता है, जो साहित्य की जुड़ने, सवाल उठाने और प्रेरित करने की शक्ति का उत्सव मनाता है। इस वर्ष के आयोजन में भारत और दुनिया भर के 200 से अधिक प्रमुख लेखक, कवि और विचारक एक साथ जुटेंगे, जहाँ पठन सत्र, चर्चाएँ और सांस्कृतिक आदान–प्रदान होंगे।
भुवन थपलिया और अमर आकाश दोनों कई पठन सत्रों में भाग लेंगे और मलयालम कवियों व अन्य अंतर्राष्ट्रीय लेखकों से संवाद करेंगे। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिलिस्तीनी कवि अस्मा अजाइज़ेह और प्रसिद्ध तिब्बती कवि तेनज़िन सुंडू के साथ “कविता में नए रुझान” विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा में भी शामिल होंगे।
काठमांडू के अंग्रेज़ी भाषा के कवि भुवन थपलिया चार कविता संग्रहों के लेखक हैं, जिनमें सफा टेम्पो (निराला, नई दिल्ली) शामिल है। पेशे से अर्थशास्त्री, उनकी रचनाएँ Life in Quarantine (स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय), International Human Rights Art Festival और Poetry and Covid (UK Arts and Humanities Research Council) जैसी प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं और संकलनों में प्रकाशित हुई हैं। वह दक्षिण कोरिया, भारत, अमेरिका, थाईलैंड, कंबोडिया और नेपाल में साहित्यिक आयोजनों में अपने कार्य का प्रस्तुतीकरण कर चुके हैं।
अमर आकाश (लक्ष्मण अधिकारी का लेखकीय नाम) समकालीन नेपाली कविता और कथा साहित्य की एक विशिष्ट आवाज़ हैं। उनका पहला कविता संग्रह तुङ्गना, जो नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में लोकार्पित हुआ, भारत और नेपाल दोनों में अपनी गीतात्मक गहराई और नवीन शैली के लिए सराहा गया। वे मधुपर्क और प्रतीक के नियमित स्तंभकार हैं और साहित्यिक आलोचना, फ़िल्म पर निबंध और समकालीन व अन्नपूर्ण पोस्ट में प्रकाशित कहानियों के लिए भी जाने जाते हैं। उनका बहुप्रतीक्षित पहला उपन्यास ग्रहण 2026 में प्रकाशित होने वाला है।
ILFK को “सुनहरा अवसर” बताते हुए अमर आकाश ने कहा, “नेपाली साहित्य को व्यापक दुनिया में परिचित कराना और श्रेष्ठ लेखकों की आकाशगंगा में शामिल होना सौभाग्य की बात है।” भुवन थपलिया ने भी इसे “एक अनूठा अनुभव — अपने निकट पड़ोसी से सीखने और उसकी जीवंत साहित्यिक दुनिया में डूबने का अवसर” बताया।
हजारों साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में होने वाला यह महोत्सव सांस्कृतिक संवाद और आदान–प्रदान के लिए एक सशक्त मंच बनने जा रहा है।





