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प्रसिद्ध गीतकार लोकराज अधिकारी ‘राष्ट्रीय धरोहर विशिष्ट सर्जक सम्मान–2082’ से सम्मानित

 

ललितपुर, काठमांडू । प्रसिद्ध नेपाली गीतकार लोकराज अधिकारी को राष्ट्रीय धरोहर विशिष्ट सर्जक सम्मान–2082 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 13वें राष्ट्रीय पोशाक दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय टोपी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय धरोहर संरक्षण प्रतिष्ठान नेपाल द्वारा पर्यटन बोर्ड में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल सरकार के प्रवक्ता एवं संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल, राष्ट्रीय दलित आयोग के अध्यक्ष देवराज विश्वकर्मा, नेपाल उद्योग वाणिज्य संघ की पूर्व अध्यक्ष भवानी राणा तथा आयोजक संस्था के संरक्षक राजानंद माण्डव्य ने संयुक्त रूप से दोसल्ला ओढ़ाकर और सम्मान पत्र प्रदान कर गीतकार अधिकारी को सम्मानित किया।

आयोजकों के अनुसार, नेपाली गीत-साहित्य के क्षेत्र में लोकगीत, दोहोरी, आधुनिक गीत, बाल गीत, ग़ज़ल, फ़िल्मी गीत और राष्ट्रीय गीत सहित 160 से अधिक गीतों की रचना कर देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें यह सम्मान दिया गया। उनके दर्जनों गीत श्रोताओं और दर्शकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।

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गीतकार लोकराज अधिकारी अमेरिका के एटलांटा में अंतरराष्ट्रीय सिंगर्स सॉन्गराइटर एसोसिएशन द्वारा हर वर्ष आयोजित अंतरराष्ट्रीय अवार्ड के दो संस्करणों में लगातार नामांकित होने वाले एकमात्र नेपाली गीतकार भी हैं।
उनके चर्चित गीतों में “तिमीले पराई ठाने पछि”, “रुपै मोहनी”, “मर्छु बरु छटपटिमा”, “रुपौली रानी”, “घन्काईदेऊ मादलु”, “फेरि एक हुन लागे” आदि शामिल हैं। ऑस्कर में नेपाल से चयनित ब्लॉकबस्टर फ़िल्म ‘अन्जिला’ में शामिल “यो देशको झण्डा” शीर्षक गीत भी उन्हीं की रचना है।

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उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राप्ती म्यूजिक अवार्ड, थाईलैंड व दुबई में आयोजित छाया छवि ऑनर अवार्ड, क़तर में आयोजित स्टार इंटरनेशनल अवार्ड में सर्वोत्कृष्ट गीतकार तथा दशक के गीतकार का अवार्ड प्राप्त किया है। इसके अलावा भारत में आयोजित नेपाली गौरव अवार्ड में भी उन्हें सर्वोत्कृष्ट गीतकार का सम्मान मिला है।
नेपाल में आयोजित सगरमाथा म्यूजिक अवार्ड, म्यूजिक खबर म्यूजिक अवार्ड, राष्ट्रीय संगीतकर्मी अवार्ड, अमिन अवार्ड, बिंदबासिनी अवार्ड, नेशनल पावर न्यूज़ म्यूजिक अवार्ड सहित दर्जनों पुरस्कार वे जीत चुके हैं।

ढाई दशक से अधिक समय से लेखन में सक्रिय गीतकार अधिकारी को देश-विदेश की अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले अन्य व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया। इनमें राष्ट्रीय ध्वज के पुनः डिज़ाइनर इंजीनियर शंकरनाथ रिमाल, टोपी अभियानकर्ता शंकरनाथ बन्जाडे, अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी दीपेन्द्र ढकाल, लेखिका-साहित्यकार अर्चना झा, सामाजिक अभियंता अरविंद गौतम, पत्रकार भोजराज थापा और राजन नेपाल, नेपाल जेसीज़ 2026 के अध्यक्ष जीवन कार्की, मिस नेपाल 2025 लुना लुइंटेल, संजेलजी महाराज, दीप किशोर भट्टराई और कवीन्द्र न्यौपाने शामिल हैं।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संचार मंत्री जगदीश खरेल ने राष्ट्रीय पोशाक को सरकारी मान्यता देने और इसे औपचारिक रूप से मनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पहचान के संरक्षण के लिए देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाली संस्कृति, पोशाक और चंद्र-सूर्य अंकित राष्ट्रीय ध्वज की पहचान को मजबूत करना आवश्यक है।

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