राम मंदिर में चोरी की निष्पक्ष जांच हो
जनकपुरधाम से मिश्री लाल मधुकर । अयोध्यास्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर जारी विवाद के बीच आध्यात्मिक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को केवल आर्थिक गड़बड़ी का मामला मानने से इनकार करते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष और गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।यह किसी दुकान की चोरी नहीं, आस्था की लूट है’
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ा यह मामला सामान्य चोरी या वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है।उन्होंने कहा, “यह किसी दुकान या फैक्ट्री में हुई चोरी नहीं है, बल्कि आस्था की लूट का मामला है। ऐसे मामले में केवल एक-दो लोगों के इस्तीफे से बात समाप्त नहीं हो सकती। पूरे घटनाक्रम की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाना जरूरी है।”
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दावा किया कि मामला केवल कुछ करोड़ रुपये तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसकी गंभीरता कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा, ” मामले में एक-दो इस्तीफों से बात खत्म नहीं होती, तह तक जाना जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर है, इसलिए लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।

