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कथाकार कंचना झा के मैथिली कहानी संग्रह ‘नव भोर’ का काठमांडू में भव्य विमोचन

 

काठमांडू, २७जून। काठमांडू में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान प्रख्यात कथाकार कंचना झा द्वारा लिखित मैथिली कहानी संग्रह **’नव भोर’** का गरिमामयी माहौल में विमोचन संपन्न हुआ। राजधानी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में रेडियो मिथिला के संस्थापक व वरिष्ठ पत्रकार गोपाल झा तथा राष्ट्रीय समाचार समिति (आरएसएस) के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवि धर्मेंद्र झा ‘बिह्वल’ ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकापर्ण (विमोचन) किया।

मिथिलांचल की महिलाओं और उनके संघर्षों का सजीव चित्रण

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार गोपाल झा ने पुस्तक पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कंचना झा की कहानियों की मुख्य पृष्ठभूमि (भावभूमि) मिथिला, मैथिल समाज और वहां के आम लोगों के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने कहा कि इन कहानियों में वहां के लोगों की पीड़ा, आंतरिक द्वंद्व, प्रेम और संघर्ष को बहुत ही गहराई से उकेरा गया है।

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गोपाल झा ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि कहानियों के केंद्र में रहने वाली महिला पात्रों के माध्यम से लेखिका ने समय के साथ बदलते समाज, महिलाओं की बदलती सोच और उनकी स्वतंत्रता की आकांक्षा को बेहद सशक्त और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

नारी पात्रों के माध्यम से ‘सौम्य और सुंदर विद्रोह’ की गूंज

लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि धर्मेंद्र झा ‘बिह्वल’ ने ‘नव भोर’ संग्रह की सराहना करते हुए इसे ‘एक जननी की कंचन (पवित्र) भावाभिव्यक्ति’ करार दिया। उन्होंने कहा कि एक महिला रचनाकार होने के नाते लेखिका ने अपनी महिला पात्रों के माध्यम से समाज में एक सौम्य, शांत लेकिन बेहद खूबसूरत विद्रोह का स्वर बुलंद किया है। कंचना झा की लेखन क्षमता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि कथाकार के पास एक अनूठी दृष्टि, उत्कृष्ट लेखन क्षमता और साहित्य के प्रति गहरा समर्पण है। इसके साथ ही उन्होंने पुस्तक की सफलता और लेखिका के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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साहित्यकारों ने साझा किए अपने विचार

विमोचन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ लेखिका तथा ‘हिमालिनी’ हिंदी पत्रिका की संपादक डॉ श्वेता दीप्ति ने पुस्तक की साहित्यिक बारीकियों पर अपने गंभीर विचार व्यक्त किए। इसके साथ ही वरिष्ठ लेखिका एवं नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान की पूर्व परिषद सदस्य हंसावती कुर्मी सहित अन्य गणमान्य साहित्यकारों ने भी पुस्तक की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और इसके विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

संवाद फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित हैं 19 कहानियां

इस संग्रह में कुल **19 मर्मस्पर्शी कहानियां** शामिल हैं, जो पाठकों को मिथिला संस्कृति और आधुनिक संवेदनाओं से जोड़ती हैं। इन कहानियों की साहित्यिक समीक्षा प्रसिद्ध साहित्यकार विजेता चौधरी द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि ‘नव भोर’ की कहानियां अपने ‘स्व’ (आत्मसम्मान और अस्तित्व) के पक्ष में मजबूती से खड़ी होने वाली नारी के विशिष्ट रूपों, आयामों और मिथिलांचल के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों को समेटे हुए हैं। इस पुस्तक का प्रकाशन **संवाद फाउंडेशन** द्वारा किया गया है।

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कार्यक्रम की शुरुआत में पुस्तक के प्रकाशक कुमार भास्कर ने स्वागत भाषण के माध्यम से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं, कार्यक्रम के समापन पर हिमालिनी मीडिया के प्रबंध निदेशक एवं भाषा सेवी सच्चिदानंद मिश्र ने उपस्थित सभी साहित्यकारों, पत्रकारों और प्रबुद्ध जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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