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नेपालगंज में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विचार गोष्ठी, सम्मान अर्पण एवं बहुभाषी काव्य गोष्ठी संपन्न

 

नेपालगंज (बाँके), पवन जायसवाल। बाँके जिले के नेपालगंज में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर मातृभाषाओं के सम्मान और सद्भाव का संदेश देते हुए विचार गोष्ठी, सम्मान अर्पण तथा बहुभाषी काव्य गोष्ठी का आयोजन फाल्गुन 9 गते शनिवार को संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान (केंद्रीय कार्य समिति, नेपालगंज) द्वारा किया गया। इसमें विश्व हिन्दी महासभा नेपाल (नेपालगंज, बाँके) का सहयोग तथा महेन्द्र पुस्तकालय नेपालगंज का सहकार्य रहा। पुस्तकालय के सभाहॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में कवि, साहित्यकार, गीतकार, लोकगायक-गायिकाएं, शायर और ग़ज़लकारों ने अवधी, हिन्दी, मैथिली, नेपाली, उर्दू, नेवारी और देउडा भाषा में अपनी-अपनी रचनाओं का वाचन किया।

कार्यक्रम का संचालन अवधी अभियंता, लेखक एवं साहित्यकार आनंद गिरी मायालु ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवधी साँस्कृतिक प्रतिष्ठान के अध्यक्ष रमेश चन्द्र कुमाल ने की तथा मधेशी आयोग नेपाल के पूर्व सदस्य विजय कुमार गुप्ता प्रमुख अतिथि रहे। प्रमुख अतिथि विजय कुमार गुप्ता ने सरस्वती माता के चित्र पर अबीर अर्पित कर एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

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प्रतिष्ठान के कोषाध्यक्ष जहिरुल हक जिनू ने स्वागत मन्तव्य व्यक्त किया, जबकि उपाध्यक्ष सुशीला बैश्य ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अपने वक्तव्य में आनंद गिरी मायालु ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभाषा वह भाषा है जिसे माँ अपने बच्चों से बोलती है, इसलिए इसे कभी नहीं भूलना चाहिए।

कार्यक्रम में विभिन्न भाषाओं में रचनाओं का वाचन किया गया। मैथिली में बिपिन वर्मा, देउडा गीत डॉ. जगत तिमिल्सिना, नेपाली कविता कल्पना पौडेल जिज्ञासु, उर्दू में वरिष्ठ साहित्यकार सैयद असफाक रसूल हाशमी, मेराज अहमद हिमाल, गुलज़ार-ए-अदब के महासचिव आरिफ अंसारी एवं उपाध्यक्ष नूरुल हसन राई ने प्रस्तुति दी।

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इसी प्रकार अनिता लामिछाने ने हिन्दी गीत, कमल बलमुवा ने अवधी गीत, रेखा गुप्ता एवं मंजु गुप्ता ने होली गीत, सुभद्रा यादव ने अवधी गीत, रमराजा यादव ने बिरहा गीत प्रस्तुत किया। पंकज श्रेष्ठ ने नेवारी भाषा में, साहित्यकार एवं पत्रकार साहिदा शाह और मीना गुप्ता ने अवधी कविता, आनंद गिरी मायालु ने अवधी कविता, शोनाली गुप्ता, वरिष्ठ गायक सुरजलाल गुप्ता तथा शिक्षिका बिमला यादव ने अवधी विवाह गीत प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के संस्थापक अध्यक्ष विष्णुलाल कुमाल ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कार और आत्मा की स्वर है। ऐसे कार्यक्रम भाषा संरक्षण, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।

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इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि बलराम यादव, सुशीला बैश्य, शतक रक्तदाता पवन जायसवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों को मायाको चिनो प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रमुख अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का अबीर और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में विश्व नेपाली साहित्य महासंघ नेपाल के उपाध्यक्ष ऋषिराम सापकोटा, कृष्ण पाठक, डॉ. राजेन्द्र गुप्ता, पत्रकार आलम खान, धर्मप्रकाश जायसवाल, दिनेश ठाकुर, अर्चना पाठक सहित अनेक साहित्यप्रेमियों की सहभागिता रही।

समापन करते हुए अध्यक्ष रमेश चन्द्र कुमाल ने कहा कि आप सभी ने अपने व्यस्त समय के बावजूद उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया, इसके लिए सभी को धन्यवाद। उन्होंने आगामी होली और ईद की शुभकामनाएं भी दीं।

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