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सन्दर्भ – विश्व हिंदी दिवस 2026  : नेपाल – भारत के संबंधों में हिंदी  भाषा का योगदान

10जनवरी

“भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक रूप से गहरे हैं, जो 1950 की संधि से और मजबूत हुए हैं, और हिंदी भाषा इस रिश्ते में एक महत्त्वपूर्ण  सेतु का काम करती है l “         

 

विनोदकुमार विमल, काठमांडू,  10 दिसंबर, 2026 l  अंतरराष्ट्रीय विश्व पटल पर नेपाल और भारत दो देश ऐसे हैं जो सांस्कृतिक सद्भाव और समभाव के प्रतीक हैं l भगवान बुद्ध के सहअस्तित्व के सिद्धान्त में विश्वास करने वाले दोनों देश पारस्परिक सौमनस्य और सहज विकास में विश्वास करते हैं l नेपाल और भारत ऐसे देश हैं जहाँ विविधता सुंदरता के रूप में नजर आती है l   ये दोनों देश बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक, बहुधार्मिक और बहुजातीय हैं l इन दोनों देशों में  विभिन्न भाषा- भाषी, जाति, धर्म तथा संस्कृति के अनुयायी रहते हैं l भाषागत, जातिगत, धर्मगत और संस्कृतिगत विविधता इन दोनों देशों की समस्या नहीं, विशिष्टता है l दोनों ही देशों के साहित्यकार, संगीतकार, कलाकार आदि प्राज्ञिक व्यक्तित्व  यथार्थ के धरातल पर खड़े होकर मानवता के गीत गाते हैं l दोनो ही देशों में अतिथियों को देवता तुल्य समझा जाता है, और उनकी पूजा की जाती है l देवता तो देवता, पत्थर तक पूजे जाते हैं l          

हिंदी भाषा का योगदान

नेपाल-भारत संबंधों में हिंदी भाषा के योगदान का विश्लेषण निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर किया जा सकता है—

 

धार्मिक स्थल   – नेपाल में पशुपतिनाथ और भारत में काशी विश्वनाथ, हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, देवगढ़ जैसे धार्मिक स्थल दोनों देशों के  बीच मजबूत सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को दर्शाते हैं l इन दोनों देशों में  अनवरत रूप  से  धार्मिक यात्राएं होती रहती हैं l धार्मिक यात्रा भारत और नेपाल को जोड़ने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है, जो महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और मंदिरों पर केन्द्रित है l इसमें अक्सर पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ, जानकी मन्दिर आदि जैसे पवित्र मंदिरों के साथ – साथ भारत के विभिन्न मंदिरों और तीर्थ स्थलों की यात्राएं शामिल होती हैं l

भक्ति और संत साहित्य  –  भक्ति और संत साहित्य का नेपाली साहित्य पर गहरा प्रभाव पड़ा है l  इस प्रभाव में भक्ति आंदोलन के विचारों और संतों के उपदेशों ने नेपाली साहित्य को एक नई दिशा दी, जिसमें सामाजिक समानता, मानवतावाद  और धार्मिक सद्भाव पर जोर  दिया गया l  हिंदी  में रचित भक्ति साहित्य, जैसे कि कबीर, तुलसी  और सूर  की रचनाएं  नेपाल में भी लोकप्रिय हुईं l इन रचनाओं ने लोगों को भक्ति, प्रेम  और समानता के विचारों से परिचित कराया l

हिंदी भजन –  नेपाल में हिंदी भजन एक लोकप्रिय भक्ति गीत है, जिसका उपयोग विशेषतः  भगवान्  शिव, कृष्ण, हनुमान,  विष्णु और साईबाबा की स्तुति के लिए किया जाता है l ये भजन अक्सर गीतात्मक होते हैं और ईश्वर के प्रति प्रेम और प्रार्थना व्यक्त करते हैं l भक्तराज आचार्य,  नारायण गोपाल,  गोपाल वशिष्ट तथा  कोइली देवी आदि ने  नेपाल में हिंदी भजन को लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं  l

भाषा  – नेपाल और भारत के बीच भाषाई संबंध, दोनों देशों में इण्डो – आर्यन भाषाओं की उपस्थिति से चिह्नित है l  भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूचि  में नेपाली को शामिल किया गया है, जो भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है l नेपाली, भारत के कई राज्यों में बोली जाती है, जिनमें  सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश के साथ – साथ दार्जिलिंग भी शामिल हैं l दोनों देशों  के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों ने नेपाली और विभिन्न भारतीय भाषाओं के बीच भाषाई आदान – प्रदान और बातचीत को बढ़ावा दिया है l

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साहित्य – नेपाल के साहित्यिक परिदृश्य में हिंदी  का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है l हिंदी  साहित्यकारों ने न केवल नेपाल के साहित्य  और संस्कृति को समझने में मदद की है, बल्कि नेपाल के साहित्यकारों ने भी हिंदी  साहित्य को समृद्ध किया है l कई प्रमुख नेपाली लेखकों ने हिंदी  साहित्य में योगदान दिया है, कुछ उल्लेखनीय उदाहरणों में गोपालसिंह नेपाली शामिल है, जो एक प्रसिद्ध  हिंदी  और नेपाली कवि और पत्रकार थे l भानुभक्त आचार्य मुख्य रूप से रामायण के नेपाली अनुवाद के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी रचनाओं ने हिंदी  साहित्य को भी प्रभावित किया है l माधव प्रसाद घिमिरे, एक प्रसिद्ध नेपाली कवि जिन्होंने हिंदी  में भी लिखा l बी. पी. कोइराला जैसे नेपाली लेखकों ने भी अनुवाद, मूल कार्यों या नेपाल और भारत दोनों में साहित्यिक परिदृश्य को प्रभावित करके हिंदी  साहित्य में योगदान दिया है l  नेपाल और भारत के साहित्यकारों और अकादमीक संस्थानों के बीच साहित्यिक आयोजन होते रहते हैं, जिससे दोनों देशों के मध्य संबंध और मजबूत होते हैं l

गीत –  हिंदी फिल्मों और गानों का प्रभाव नेपाली संगीत पर विशेष रूप से, आधुनिक नेपाली संगीत में  देखा जा सकता है l कई नेपाली गायकों ने नेपाली और हिंदी दोनों भाषाओं में सफलतापूर्वक गायन किया है l कुछ प्रमुख नामों में नारायण गोपाल शामिल हैं, जिन्हें नेपाली संगीत में एक महान् हस्ती माना जाता है, और उन्होंने हिंदी गाने गाए हैं l उदित नारायण, एक नेपाली मूल के गायक जिन्होंने मुख्य रूप से हिंदी में गायन करके वैश्विक ख्याति प्राप्त की है l इसी प्रकार नेपाली मूल के सुविख्यात  शास्त्रीय संगीतकार तथा गजलकार पं. मुरलीधर ने हिंदी के साथ-साथ  मैथिली, पंजाबी और बंगाली भाषाओं में गायन किया है l इसके अतिरिक्त  उन्होंने नेपाली में सौ से ज्यादा गीत और गजल गाकर ख्याति प्राप्त की है l  इसके अलावा  दीपक लिम्बू , अन्जु पंत, अरुणिमा लामा, विपुल क्षेत्री, राजेश पायल राई  आदि नेपाली गायकों  ने भी दोनों भाषाओं में गायन किया है l इसी प्रकार, सुनिधि चौहान, श्रेया घोषाल, डैनी  डेन्जोंन्गपा, कविता कृष्णमूर्ति, लता मंगेशकार, उषा मंगेशकार, आदित्य नारायण, सोनु निगम, कुमार सानु, साधना सरगम, प्रशान्त तामांग, उषा उथुप, मन्ना डे,  तुलसी घिमिरे, रंजित गजमेर,  हेमलता, गोपाल योन्जन, रूपकुमार राठौड़, श्रवण घिमिरे, अमित पाल, पूर्णिमा, आशा भोसले, अनुराधा पौडवाल, कविता पौडवाल आदि सुविख्यात  भारतीय गायकों ने नेपाली भाषा में गायन किया है l

संगीत —  नेपाली संगीत में  हिंदी का योगदान मुख्य रूप से फिल्मों और गानों के माध्यम से रहा है l  नेपाली संगीत में गजल, भजन, और फिल्मी संगीत जैसी हिंदी संगीत शैलियों का भी प्रभाव देखा जा सकता है l नेपाली और हिंदी में कई वाद्ययन्त्र समान हैं, लेकिन कुछ विशिष्ट वाद्ययन्त्र हैं, जो दोनों संस्कृतियों में पाए जाते हैं l कुछ प्रमुख वाद्ययन्त्रों में शामिल हैं – ढोल / ढोलक, हार्मोनियम, सारंगी, बाँसुरी, तबला, कीबोर्ड, सितारा, शहनाई, वीणा आदि l हिंदी और नेपाली संगीत के बीच सांस्कृतिक आदान – प्रदान ने दोनों क्षेत्रों के गायकों और  कलाकारों को एक – दूसरे से  सीखने और प्रेरित होने का अवसर दिया है l

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हिंदी चलचित्र – हिंदी फिल्में नेपाल के लगभग सभी  छविगृहों  में प्रारंभ से ही  दिखाए जाते रहे हैं l इनके अतिरिक्त भारत के सीमांत प्रदेशों के छविगृहों में भी हिंदी चलचित्र को देखने वाले दर्शक नेपाल के ही सर्वाधिक रहते हैं l  नेपाल के लोगों में हिंदी चलचित्र अपनी विशिष्टताओं के कारण आज और भी लोकप्रिय बनते जा रहे हैं l  हिंदी फिल्मों में कई नेपाली कलाकारों ने काम किया है, जिनमें सबसे प्रमुख नाम मनीषा कोइराला का है l इसके अलावा, कुछ अन्य नेपाली कलाकार भी हैं, जिन्होंने  हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है, हालांकि वे उतने प्रसिद्ध नहीं है जितने मनीषा कोइराला हैं l इसी प्रकार हिंदी चलचित्रों में कई प्रसिद्ध  नेपाली अभिनेता  हैं, जिन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई है, जैसे कि  पं.मुरलीधर, सुनिल थापा l  सुनील थापा ने  कई हिंदी और नेपाली चलचित्र  में काम किया है l  इसी प्रकार  नेपाली चलचित्र  के स्टार माने जाने वाले पं. मुरलीधर ने `मि. इन्डिया `,मासूका `, `हम`, कसम पैदा करने वालों की` सहित दो दर्जन से अधिक  चलचित्रों  में खलनायक की भूमिका निभाई है l  भारतीय मूल की माला सिन्हा ने नेपाली चलचित्र  `माइतीघर` में नायिका की भूमिका निभाई है l

पर्यटन –  हिंदी भाषी पर्यटकों के लिए नेपाल की यात्रा करना आसान हो जाता है, क्योंकि वे बिना  किसी भाषा बाधा के स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर सकते हैं l हिंदी और नेपाली संस्कृति में समानताएं हैं, जो पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करती हैं l उदाहरण के लिए, रामायण और बुद्ध सर्किट दोनों देशों में महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल हैं, और हिंदी भाषी पर्यटक इन स्थलों की यात्रा करने में रुचि रखते हैं l

व्यापार –  भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा है, हिंदी का उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों और लोगों के बीच बातचीत में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती  है l भारत, नेपाल का सबसे बड़ा हिस्सा है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार काफी मजबूत है l हिंदी भाषी क्षेत्र, विशेष रूप से उत्तर और मध्य भारत, नेपाल के व्यापार का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है  और यह व्यापारिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने में मदद करता है l भारत- नेपाल सीमा पर स्थित कई क्षेत्र हिंदी भाषी हैं  और इन क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियाँ हिंदी में ही होती है l

संचार – हिंदी समाचार पत्र – पत्रिकाएं और टीवी चैनल नेपाल में भी लोकप्रिय हैं, जो दोनों देशों के बीच सूचना और समचारों के प्रसार में मदद करते हैं l नेपाली हिंदी पत्रिकाएं, विशेष रूप  से वे जो नेपाल से प्रकाशित होती हैं, हिंदी भाषा के संरक्षण और संवर्धन में महत्त्वपूर्ण रही है l ये पत्रिकाएं नेपाली और हिंदी भाषी समुदायों के बीच सांस्कृतिक आदान – प्रदान को बढ़ावा देती हैं l इन पत्रिकाओं ने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर विचारों और दृष्टिकोणों को प्रचारित करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है l वे पाठकों को विभिन्न विषयों पर जानकारी और अन्तर्दृष्टि प्रदान करती हैं l हिंदी टेलीविजन का नेपाल और भारत के बीच सांस्कृतिक आदान – प्रदान और मनोरंजन में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है l

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शिक्षा नेपाल  और भारत  के संबंधों में हिंदी का योगदान भाषाई, सांस्कृतिक और शैक्षिक स्तर पर गहरा है, जहाँ यह नेपाल के तराई – मधेश  क्षेत्रों में एक आम भाषा है और भारत के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करती है, शिक्षा, व्यापार और मनोरंजन में महत्त्वपूर्ण  भूमिका निभाती है तथा लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक रही है,  जिससे दोनों देशों के लोग एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं और उनके रिश्ते मजबूत होते हैं ।

राजनीति – नेपाल और भारत के  राजनीतिक  संबंधों में हिंदी का महत्त्वपूर्ण योगदान है, खासकर लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने में l  भारत – नेपाल शांति और मैत्री सन्धि (1950) के बाद, हिंदी का उपयोग नेपाल में राजनीतिक गतिविधियों में बढ़ने  लगा l 1990  के जन आन्दोलन में, हिंदी का उपयोग राजनीतिक पर्चे, भाषणों और अन्य प्रचार सामग्री में किया गया था, जिससे हिंदी भाषी आवादी को आंदोलन में शामिल होने में आसानी हुई l 2006 के जन आंदोलन में भी हिंदी का उपयोग जारी रहा  और इसने नेपाली राजनीति में हिंदी महत्त्व को और मजबूत किया l इसी प्रकार मधेशी आंदोलन (मधेश जनविद्रोह), जो 2015 के नए संविधान के खिलाफ था, में भी हिंदी का उपयोग किया गया था, क्योंकि मधेशी समुदाय का एक बड़ा  हिस्सा हिंदी भाषी है l नेपाल के तराई – मधेश क्षेत्र में, जहाँ हिंदी भाषी लोगों की संख्या अधिक है, हिंदी भाषी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और प्रभाव अधिक है l हिंदी भाषी लोग नेपाल के राजनीतिक दलों में शामिल रहे हैं, और विभिन्न चुनावों में भाग लेते रहे हैं l कुछ हिंदी भाषी लोग महत्त्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर भी रहे हैं l

निष्कर्ष  

हालांकि नेपाल में हिंदी आधिकारिक भाषा  नहीं है, लेकिन हिंदी व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है l यह एक भाषा के रूप  में कार्य करती है, संचार को सुविधाजनक बनाती है और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करती है l  नेपाल की सांस्कृतिक, शैक्षिक और आर्थिक क्षेत्रों में हिंदी का महत्त्वपूर्ण   योगदान है, यह एक महत्त्वपूर्ण  `सेतु भाषा` के रूप में कार्य करती है, विशेष रूप से नेपाल के  तराई – मधेश  क्षेत्र में, व्यापार, मीडिया उपभोग (भारतीय टेलीविजन ) को सुगम बनाती है और साझा संस्कृति  और खुली सीमाओं के कारण भारत के साथ लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करती है, साहित्य और प्रशासन को प्रभावित करती है और नेपाल  के आधिकारिक राष्ट्रीय भाषा होने के बावजूद, आपसी समझ के लिए एक महत्त्वपूर्ण  भाषा के रूप में कार्य करती है । अंत में, मैं आपको एक वाक्य में विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहूंगा – “हिंदी केवल भाषा नहीं, यह हमारे विचारों और संस्कारों की अभिव्यक्ति है । विश्व  हिंदी दिवस की मंगलकामनाएं !”

( यह लेख मुख्य रूप से विभिन्न समाचार पत्रों, पुस्तकों और उन विषयों पर आधारित है जिन्हें मैं स्नातकोत्तर स्तर पर पढ़ाता हूं ।)

लेखकः विनोदकुमार विमल

 

 

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