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भारतीय राजदूतावास द्वारा ‘हिन्दी साहित्य उत्सव’ में याद किए गए तीन साहित्यकार

 

काठमांडू, मंसिर १३ । भारतीय दूतावास, काठमांडू द्वारा ‘हिन्दी साहित्य उत्सव’ के अंतर्गत आज मंसिर १३ गते (शनिवार) की दोपहर तीन बजे नेपाल –भारत पुस्तकालय में वरिष्ठ हिन्दी साहित्ययकारों (जयशंकर प्रसाद,शिवमंगल सिंह सुमन तथा हरिवंशराय बच्चन को याद किया गया । प्रत्येक महीने के अंतिम शनिवार को भारतीय राजदूतावास द्वारा ‘हिन्दी साहित्य उत्सव’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ।
आज के कार्यक्रम में हरिवंशराय बच्चन को याद करते हुए केन्द्रीय विद्यालय के शिक्षक सत्यव्रत शर्मा ने कहा कि – हरिवंशराय बच्चन ऐसे साहित्यकार हैं जो अपनी उन बातों का भी जिक्र करते हैं जिन्हें अन्य साहित्यकार छुपाते हैं । बच्चन की बहुत सी पंक्तियों को उन्होंने गुनगुनाया ।
इसी तरह डी.ए.वी के शिक्षक पुरुषोत्तम पोखरेल ने दो साहित्यकारों के बारे में बात की । उन्होंने छायावाद के महत्वपूर्ण कवि, नाटककार,कथाकार जयशंकर प्रसाद के साथ ही शिव मंगल सिंह सुमन को भी याद किया । प्रसाद की रचना कामायनी को लेकर उन्होंने कहा कि – कामायनी मन से ह्दय और बुद्धि तक की यात्रा है ।
इसी तरह शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वो केवल भारत के कवि नहीं थे वरन वो नेपाल के भी कवि थे । १९५६–६१ के दौरान वे प्रेस और सांस्कृतिक अटैच भारतीय दूतावास, काठमांडू,नेपाल में रहे । अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने नेपाल भारत के सांस्कृतिक संबंधों को लेकर बहुत से काम किए ।
इसी तरह श्रीमती दीपमाला शर्मा ने शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ को याद करते हुए उनकी एक कविता का वाचन किया ।
कार्यक्रम में काठमांडू के कुछ विद्यालयों के छात्र – छात्राओं ने भी भाग लिया और तीनों कवियों की कविताओं का वाचन भी किया ।
डी.ए.वी स्कूल के साहिल सिंह उज्जैन, चंचल मोहता और आंचल मोहता ने कवि शिवमंगल सिंह की कविताओं का वाचन किया ।
इसी तरह केन्द्रीय विद्यालय के सहज गोयल, सौभाग्य शर्मा, तथा दिव्यांश भारद्वाज ने जयशंकर प्रसाद की कविताओं का वाचन किया ।
आलोक विद्याश्रम की अपेक्षा चतुर्वेदी, कुश टिबरेवाल और  आवृत गुप्ता ने हरिवंशराय बच्चन की कविताओं का वाचन किया ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए विशिष्ट वक्ता प्रो. दिवाकर उपाध्याय ने कहा कि – साहित्य संबंधों को जोड़ता है । एक ओर साहित्य शिक्षा प्रदान करता है और दूसरी ओर आनन्द प्राप्त करवाता है । कार्यक्रम में डॉ आनन्द कुमार त्रिपाठी ने विधिवत धन्यवाद ज्ञापन किया ।
कार्यक्रम का सफल संचालन भारतीय दूतावास के अताशे धनेश द्विवेदी ने किया ।

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