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नेपाली इतिहास में सबसे काला दिन – रवि लामिछाने

 

काठमांडू, भादव २३ – राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने ने कहा है कि वो जेन जी प्रदर्शन में सरकार द्वारा किए गए दमन प्रति स्तब्ध और विक्षिप्त हैं । वो नख्खु कारागार में हैं । लामिछाने ने सोमवार एक संदेश जारी करते हुए कहा कि आज का यह दिन नेपाली इतिहास का ही सबसे काला दिन है ।
उन्होंने लिखा है कि “मैं स्तब्ध और विक्षिप्त हूँ, ये नेपाली इतिहास में सबसे काला दिन है । उन्होंन कहा “जेनजी और पूरे देश को मेरा अपिल है, अब आंतकवादियों को एक मिनेट भी सत्ता में नहीं रहने दें ।”
आज (भादव २३) कुशासन और भ्रष्टाचार के नायकों ने १९ बच्चों के लहु को पीया है । और न जाने कितनों को घायल बना दिया है । उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि –इन आंतकवादियों को माफी नहीं दी जा सकती है । अब इन्हें एक मिनट भी सत्ता में झेल नहीं सकते ।
“अपनी विलासिता की दुनिया का आनंद लेने की उम्र जेन जी को सड़कों पर आने के लिए किसने मजबूर किया? इन आतंकवादियों की सनक, कुशासन और भ्रष्टाचार के कारण। वे न केवल अक्षम और भ्रष्ट हैं, बल्कि अति क्रूर भी हैं । स्कूल ड्रेस लगाए बच्चों पर गोली कैसे चला दी ।
उन्होंने काल कोठरी से ही देश के लिए कुछ समस्याओं का समाधान भी दिया है –

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जितनी जल्दी हो सके संविधान सहित एक अंतरिम नागरिक सरकार का गठन किया जाना चाहिए ।
०४६ के बाद लिए गए सभी नीतिगत निर्णयों की समीक्षा की जाए। तब से लेकर अब तक के सभी उच्च पदस्थ अधिकारियों और उनके परिवारों की संपत्तियों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया जाए।
अगली संसद द्वारा अनुमोदन हेतु संविधान में संशोधन, पुनरीक्षण या पुनर्लेखन के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि आज की हत्याकांड की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री तक सभी द्वारा किए गए अपराधों की जांच की जानी चाहिए।

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