सीमा क्षेत्र में जान गंवानेवाले वीरेन्द्र के परिवारजन को अमेरिका से सहयोग
जनकपुरधाम, ७ जून । गत जेष्ठ १४ गते नेपाल–भारत सीमा क्षेत्र जटही (धनुषा) में भूखे–प्यासे जान गंवानेवाले वीरेन्द्र यादव के परिवारजन को अमेरिका से सहयोग मिला है । रोजगारी के लिए भारत पहुँचे वीरेन्द्र लकडाउन के कारण भारत में ही फस गए थे । सयों किलोमिटर भूखे–प्यास होकर वह गत जेष्ठ १४ गते सीमा क्षेत्र जटही तक आ गए थे, लेकिन वहा आते ही भूख के कारण उनका निधन हो गया था ।
वीरेन्द्र की मृत्यु होने के बाद उनके परिवारजन आर्थिक कारणों से भी तनावपूर्ण अवस्था में थे । रोजगारी के लिए वीरेन्द्र कतार, साउदी आरब और कुवेत भी गए थे । लेकिन खाडी मुलुकों में वीरेन्द्र नहीं ठीक पाए । उसी क्रम में परिवारजन को ४ लाख रुपैयां कर्जा के रुप में लेना पड़ा था । उसको चुक्त करने के लिए ही वीरेन्द्र पिछली बार भारत गए थे । लेकिन कोरोना वायरस से सिर्जित परिस्थिति के कारण उनकी जान चली गई ।
मृतक वीरेन्द्र के परिवारजन को दुःख को देखते हुए अमेरिका निवासी प्रवासी नेपाली नागरिक भीम कार्की और शंकर पन्त ने सहयोग किया है । कार्की और पन्त ने कर्जा चुक्त करने के लिए उन लोगों को ३ लाख रुपैयां दिया है । रकम लेकर काठमांडू निवासी दामोदर सुवेदी वीरेन्द्र के गांव पहुँच गए थे । कार्की और पन्त प्रवासी नेपाली एकता मंच अमेरिका के संस्थापक और महाचिव हैं । बताया गया है कि मंच की ओर से मृतक वीरेन्द्र के सन्तानों को शिक्षा–दीक्षा के लिए १ लाख रुपैयों की अक्षयकोष खड़ा करने की बात भी हुई है ।

