सरकारी निर्णय के विरुद्ध डा. भट्टराई ! कहा– दाल में कुछ काला है, प्रतिवाद करें

काठमांडू, ६ नवम्बर । गत आश्वीन ११ गते नेपाल सरकार मन्त्रिपरिषद् बैठक ने निर्णय किया कि अब ‘संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र नेपाल’ शब्द के बदले सिर्फ ‘नेपाल’ शब्द का प्रयोग किया जाएगा । सरकार की इस निर्णय के प्रति जनता समाजवादी पार्टी के संघीय परिषद् अध्यक्ष डा. बाबुराम भट्टराई ने आपत्ति प्रकट किया है । साथ में सरकारी निर्णय विरुद्ध प्रतिकार करने के लिए भी उन्होंने आग्रह किया है ।
पूर्व प्रधानमन्त्री भी रहे डा. भट्टराई ने सामाजिक संजाल में ट्वीट करते हुए कहा है– ‘यह स्वीकार्य नहीं है । प्रतिकार होना चाहिए । दाल में कुछ काला है ।’ डा. भट्टराई को मानना है कि संयुक्त राष्ट्र संघ में देश एवं राज्य का नाम संबंधित देशों की संवैधानिक एवं राज्य प्रणाली के अनुसार लिखा जाता है और उसके अनुसार नेपालका भी नाम दर्ज है, जो नेपाल सरकार ने अस्वीकार किया है ।
स्मरणीय है, गत आश्वीन ११ गते मन्त्रिपरिषद् बैठक ने ‘संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र नेपाल के बदले सिर्फ ‘नेपाल’ लिखने का निर्णय किया है । उसके बाद राजनीतिक वृत्त में इसके पक्ष और विपक्ष में बहस होता आया है ।

