Sun. Oct 11th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

५९ बर्ष बाद दो शत्रु ग्रह शनि एवम मंगल होंगे आमने सामने

 


ज्योतिष सम्राट पंडित पुरुषोतम दुबे ने बताया कि हृषिकेश पंचांग अनुसार कल 23 मई 2021 को शनिदेव मकर राशि में वक्री हो जाएंगे।
आपको बता दें कि वक्री एक विशेष ज्योतिषीय घटना है जिसमें कोई ग्रह उल्टी चाल चलता हुआ प्रतीत होता है। ध्यान रहे कि ऐसा सिर्फ प्रतीत होता है जबकि ग्रह उल्टी चाल चलता नहीं है। ऐसे में शनि देवता भी धनु राशि में नहीं प्रवेश करेंगे बल्कि मकर राशि में ही रहेंगे। शनि की यह वक्री चाल 11 अक्टूबर 2021 तक रहेगी और इस दौरान वह श्रवण नक्षत्र में गोचर करेंगे। आपको बता दें कि श्रवण नक्षत्र पर चंद्रमा का स्वामित्व है।

यह भी पढें   पूर्व राष्ट्रपति भंडारी ने वरिष्ठ नेता पद की ली शपथ

इसके बाद 02 जून को मंगल ग्रह चंद्रमा के स्वामित्व वाले कर्क राशि में गोचर करने वाला है। मंगल का यह गोचर 02 जून, 2021 को सुबह 06 बजकर 39 मिनट पर होगा। मंगल की यह स्थिति 20 जुलाई, 2021 को शाम 05 बजकर 30 मिनट तक ऐसी ही रहेगी। इसके बाद वे सिंह राशि में गोचर करेंगे। मंगल के इस गोचर की अवधि 48 दिनों की होगी और ये 48 दिन देश दुनिया के लिए भारी सिद्ध होने वाले हैं जैसे प्राकृतिक प्रकोप, महामारी, राजनीति द्वंद, क्रोध कलह आदि बढ़ने की सम्भावना रहेगी।

यह भी पढें   प्रहरियों से मारपीट करने के आरोप में एक वडा अध्यक्ष गिरफ्तार

दरअसल यह 59 बर्ष बाद मंगल गोचर के साथ ही वक्री शनि और मंगल एक दूसरे के आमने सामने आ जाएंगे। मंगल और शनि को एक दूसरे का शत्रु माना जाता है। ऐसे में ये स्थिति देश-दुनिया को अशुभ फल देने की सम्भावना है । इसलिए हमें और पूर्णरूप से सावधान होकर जीवन निर्वाह करे । ईश्वर चिंतन से सब अच्छा हो जायेगा ।

ज्योतिष सम्राट पंडित पुरुषोतम दुबे

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com