तिब्बत में बना कृत्रिम झील टूटा, नेपाल के त्रिशूली–भोटेकोशी तटीय इलाकों में हाई अलर्ट
चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास भूस्खलन से बनी विशाल कृत्रिम झील टूट गई है। इसकी सूचना चीनी अधिकारियों ने नेपाल प्रशासन को दी है।
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि चीन की ओर से झील टूटने की आधिकारिक जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, “नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का निर्देश जारी कर दिया गया है।”
त्रिशूली–भोटेकोशी नदी तंत्र पर बढ़ा खतरा
छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो, तिब्बत से निकलने वाली वे ऊपरी सहायक नदियाँ हैं जो नेपाल में रसुवागढ़ी के पास प्रवेश करने के बाद भोटेकोशी–त्रिशूली नदी प्रणाली में मिल जाती हैं। इसलिए झील टूटने के बाद नीचे की ओर बहने वाले क्षेत्रों में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका है।
गुरुवार सुबह तक इस कृत्रिम झील में लगभग 20 लाख घनमीटर पानी जमा था। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख घनमीटर अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है। इसी कारण मंत्रालय लगातार झील की निगरानी कर रहा था।
चीन ने पहले ही रोक दिया था राहत अभियान
भूस्खलन से बनी झील के टूटने के खतरे को देखते हुए चीन ने तिब्बत में चल रहे राहत और बचाव अभियान को पहले ही अस्थायी रूप से रोक दिया था।
अल जज़ीरा द्वारा चीनी सरकारी प्रसारकों के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, चीन सरकार ने सभी बचाव दलों को घटनास्थल से एक किलोमीटर पीछे हटने का आदेश दिया था।
चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के मुताबिक, सीमा क्षेत्र में भूस्खलन से जमा भारी मलबे और कीचड़ के कारण बनी झील भर गई थी और पानी उस दिशा में बहने लगा था जहाँ बचाव दल काम कर रहे थे।
सीसीटीवी ने कहा कि सभी राहत एवं बचाव टीमों को सुरक्षित स्थान पर स्टैंडबाय रहने और अगले निर्देशों की प्रतीक्षा करने का आदेश दिया गया है।
नेपाल में हाई अलर्ट
झील टूटने की सूचना मिलने के बाद रसुवा प्रशासन ने त्रिशूली और भोटेकोशी नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी कर दी है। प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है और संभावित बाढ़ के जोखिम को देखते हुए आपातकालीन तैयारी तेज कर दी गई है।

