Sat. Sep 12th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत बड़े राहत पैकेज की तैयारी में, अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेजी

 

काठमांडू/नई दिल्ली।

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मानवीय सहायता, विशेषज्ञ दल और राहत सामग्री भेजने के साथ ही भारत नेपाल के लिए एक बड़े वित्तीय राहत पैकेज पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इस पैकेज की औपचारिक घोषणा नुकसान का पूरा आकलन होने के बाद ही किए जाने की संभावना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद इस संबंध में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। आपदा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था।

अब तक 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंची

भारतीय वायुसेना के विमान लगातार काठमांडू पहुंच रहे हैं। अब तक चार विशेष उड़ानों के जरिए करीब 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 11 सितंबर 2026 शुक्रवार शुभसंवत् 2083

राहत सामग्री में तंबू, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप, दवाइयां, खाद्य पैकेट, जनरेटर, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और जल निकासी पंप शामिल हैं।

सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेषज्ञ दल

भारत ने केवल राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि विशेष तकनीकी टीमें भी नेपाल भेजी हैं।

इनमें डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम, जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों का पता लगाने वाले विशेषज्ञ, तथा डीएनए पहचान के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।

नेपाल के त्रिशूली और रसुवा क्षेत्र की 11 जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इनमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों और मजदूरों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज भी भेजा

भारत ने बाढ़ से कटे इलाकों में संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज का सामान भी नेपाल भेज दिया है। एक पुल पहले से नेपाल में मौजूद है, जबकि अतिरिक्त पुलों के उपकरण और तकनीकी दल भी रविवार को नेपाल पहुंच चुके हैं।

यह भी पढें   बाढ़ प्रभावित नुवाकोट और रसुवा जाने वाली टीम को ओली का निर्देश

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार फिलहाल भारत का पूरा ध्यान मानवीय सहायता, चिकित्सा सहयोग और बचाव कार्यों पर है।

149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि रविवार तक नेपाल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों से 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इन सभी के नामों की सूची सोशल मीडिया पर भी जारी की गई है।

वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में फंसे अन्य भारतीय नागरिकों की तलाश और पहचान का कार्य अभी भी जारी है।

नुकसान के आकलन के बाद वित्तीय सहायता

भारत ने अभी तक अलग से किसी वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में हुए नुकसान का पैमाना, पुनर्निर्माण की आवश्यकता और काठमांडू सरकार की मांग स्पष्ट होने के बाद अगले कदम पर निर्णय लिया जाएगा।

यह भी पढें   बच्चे के जन्म से जुड़ी घटना की जांच के लिए एक टीम राजबिराज रवाना

सूत्रों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर भारत पुनर्वास और बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए भी बड़ा आर्थिक सहायता पैकेज दे सकता है।

2015 के भूकंप की तरह फिर निभा रहा पड़ोसी धर्म

भारत ने 2015 के विनाशकारी नेपाल भूकंप के दौरान ‘ऑपरेशन मैत्री’ चलाकर सबसे बड़े राहत अभियानों में से एक संचालित किया था। उस समय भारत ने तत्काल राहत के साथ एक अरब डॉलर की आपदा सहायता और एक अरब डॉलर की अतिरिक्त विकास सहायता उपलब्ध कराई थी।

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार भी ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbourhood First) नीति के तहत नेपाल को हरसंभव सहायता जारी रखी जाएगी।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com