कुलमान घिसिंग की चेतावनी: ‘जेनजी आंदोलन का बलिदान इतिहास मात्र नहीं बनना चाहिए’
काठमांडू, 8 सितंबर । उज्यालो नेपाल पार्टी के अध्यक्ष कुलमान घिसिंग ने जेनजी आंदोलन के एक वर्ष पूरे होने पर सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जेनजी पीढ़ी की भावना और आंदोलन के जनादेश के अनुरूप नहीं चल पाई है।
आंदोलन की स्मृति में दीप प्रज्वलन
पिछले वर्ष भाद्र २३ और २४ (नेपाली कैलेंडर) को जेनजी युवाओं ने सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाने, सुशासन स्थापना, भ्रष्टाचार उन्मूलन और राज्य तंत्र में युवाओं की सार्थक भागीदारी की मांग को लेकर ऐतिहासिक विद्रोह किया था।
इस अवसर पर उज्यालो नेपाल पार्टी ने त्रिपुरेश्वर स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में शहीदों के सम्मान में दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में शहीद परिवार, घायलों और युवाओं की उपस्थिति रही।
सरकार के छह महीने निराशाजनक
घिसिंग ने कहा कि सरकार के छह महीने निराशाजनक रहे हैं। उन्होंने कहा, “जेनजी युवाओं की मांग केवल सरकार बदलने की नहीं थी, बल्कि देश में व्याप्त भ्रष्टाचार का अंत कर सुशासन स्थापित करना भी था। दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार ने 6 महीनों में भी लोगों में आशा जगाने वाला कोई ठोस कार्य नहीं किया।”
मूल मुद्दे अब भी यथावत
आंदोलन के बाद बनी सरकार ने फाल्गुन २१ को प्रतिनिधि सभा चुनाव कराकर राजनीति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में वापस लाने का महत्वपूर्ण कार्य तो किया, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि सुशासन के क्षेत्र में कुछ सकारात्मक प्रयासों के बावजूद आंदोलन द्वारा उठाए गए मूलभूत प्रश्न आज भी ज्यों के त्यों हैं।
उनके अनुसार, संविधान, शासन प्रणाली और राज्य संरचना को नागरिक-अनुकूल बनाने, भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता लागू करने, अर्थव्यवस्था को उत्पादन-आधारित बनाकर रोजगार सृजन करने के कार्यों में अपेक्षित गति नहीं आई है।
ठोस परिणामों की मांग
घिसिंग ने स्पष्ट किया कि जेनजी आंदोलन केवल सरकार बदलने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कार और शासन शैली में परिवर्तन की पुकार थी। उन्होंने कहा, “जेनजी पीढ़ी द्वारा सड़कों पर बहाया गया खून, गंवाई गई जानें और उठाई गई आवाज़ का सम्मान केवल ठोस परिणामों से ही हो सकता है। अब केवल भाषण, घोषणाएँ और नारे काफी नहीं हैं।”
निरंतर चेतावनी की प्रतिबद्धता
अध्यक्ष घिसिंग ने कहा कि उज्यालो नेपाल पार्टी सरकार के हर निर्णय और कार्रवाई पर लगातार सवाल उठाएगी, निगरानी करेगी और खबरदारी जारी रखेगी। उन्होंने अंत में जोर देकर कहा, “जेनजी आंदोलन का बलिदान केवल इतिहास नहीं बनना चाहिए – इसका जनादेश राज्य संचालन का मार्गदर्शक बनना चाहिए।”
संक्षिप्त तथ्य:
· तारीख: भाद्र २४, २०८३ (नेपाली), मंगलवार
· घटना: उज्यालो नेपाल पार्टी की शहीद स्मृति सभा
· मुख्य वक्ता: कुलमान घिसिंग (पार्टी अध्यक्ष)
· मुख्य संदेश: जेनजी आंदोलन के मूल मुद्दों को गंभीरता से लिया जाय


