कार्की के बयान ने आयोग की निष्पक्षता और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं : आचार्य
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी नेकपा एमाले के प्रचार एवं प्रकाशन विभाग प्रमुख नीरज आचार्य ने कहा है कि जेनजी आंदोलन की जांच के लिए गठित जांच आयोग के अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की के हालिया बयान ने आयोग की निष्पक्षता और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए आचार्य ने कहा कि पत्रकार निमेष बन्जाडे को दिए गए एक साक्षात्कार में आयोग अध्यक्ष कार्की ने बताया कि ‘हामी नेपाल’ के तत्कालीन प्रमुख और वर्तमान गृह मंत्री सुधन गुरुङ 23 तारीख की सुबह ही माइतीघर क्षेत्र में एम्बुलेंस, पीने का पानी, माइक, स्वास्थ्य सामग्री और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ पहुंचे थे।
आचार्य ने कार्की के बयान का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की पूर्व तैयारी यह प्रश्न खड़ा करती है कि क्या गुरुङ को आंदोलन के संभावित परिणामों की पहले से जानकारी थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आयोग ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन डेटा का भी अध्ययन किया था।
इसके अलावा, आचार्य ने दावा किया कि आयोग अध्यक्ष कार्की ने यह भी कहा है कि 24 भाद्र (नेपाल कैलेंडर) को हुई आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने दबाव डाला था। कार्की के साक्षात्कार के प्रकाशित विवरण के अनुसार, सरकार और जेनजी आंदोलन के बीच हुए समझौते में भी विध्वंसात्मक घटनाओं में शामिल लोगों पर कार्रवाई न करने का विषय उठाया गया था।
आचार्य ने याद दिलाया कि आयोग के गठन के समय से ही नेकपा एमाले अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की की निष्पक्षता पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि उस समय एमाले की आलोचना की गई थी, लेकिन अब स्वयं आयोग अध्यक्ष के बयान ने आयोग की निष्पक्षता, जांच की सीमा और रिपोर्ट के निष्कर्षों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
आचार्य ने कहा, “एमाले ने शुरू से जो आशंकाएँ जताई थीं, वे केवल राजनीतिक आरोप थीं या उनमें जांच योग्य आधार भी था—यह प्रश्न स्वयं आयोग अध्यक्ष के बयान से और अधिक गंभीर हो गया है।”
उन्होंने यह दावा भी किया कि जेनजी आंदोलन से जुड़े तथ्य धीरे-धीरे सार्वजनिक होते जाएंगे। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, “अब काला पर्दा उठता जाएगा। नेकपा एमाले, लोकतंत्र और देश के खिलाफ रची गई कथित साजिशों का क्रमशः खुलासा होता जाएगा।”
गौरतलब है कि कार्की आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट इसी वर्ष फागुन 24 को सरकार को सौंप दी थी। हालांकि सरकार ने रिपोर्ट को अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उसके विभिन्न हिस्सों से जुड़ी जानकारियाँ समय-समय पर मीडिया में सामने आती रही हैं।

