प्रधानमंत्री बालेन शाह ने की हाई अलर्ट की घोषणा, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
काठमांडू, 24 सितम्बर । नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह ने संभावित भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए देशवासियों से पूरी सावधानी बरतने और सतर्क रहने की अपील की है। गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से जारी एक संदेश में उन्होंने आश्वस्त किया कि विपदा के इस संभावित जोखिम से नागरिकों के जान-माल की रक्षा के लिए सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन मुस्तैद
जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने 9 से 11 असोज तक देश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई है। इसके बाद सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी निकायों को अलर्ट मोड पर रखा है। देश के सभी 77 जिलों के प्रमुख जिला अधिकारियों (सीडीओ) को उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला सुरक्षा समितियों की बैठक के बाद नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। सुरक्षाकर्मी नदी और तटीय क्षेत्रों में लाउडस्पीकर (माइकिंग) के जरिए स्थानीय लोगों को लगातार जागरूक कर रहे हैं।
रात में यात्रा न करने की सलाह
प्रधानमंत्री शाह ने नागरिकों से विशेष आग्रह किया है कि वे रात के समय राजमार्गों पर यात्रा करने से बचें, अनावश्यक लंबी दूरी की यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
सड़क दुर्घटनाओं और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए सुरक्षा जांच चौकियों पर ‘रुको, प्रतीक्षा करो और आगे बढ़ो’ (स्टॉप, वेट एंड गो) की नीति लागू की गई है। इसके तहत पिछले चेकपोस्ट से सड़क के सुरक्षित होने की पुष्टि होने के बाद ही वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। जोखिम भरे सड़क खंडों पर रात में वाहनों का संचालन रोकने का निर्देश दिया गया है।
सड़क और बचाव कार्य की तैयारी
बाढ़ और भूस्खलन के कारण रास्ते बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए सड़कों के पास एक्सकेवेटर, लोडर और डोजर जैसी भारी मशीनें स्टैंडबाय पर रखने का निर्देश दिया गया है। सड़क प्रभाग कार्यालयों को 24 घंटे सक्रिय रहने और सड़कों की स्थिति के बारे में नियमित जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया है।
स्थानीय निकायों और स्कूलों के लिए निर्देश
देश के सभी 753 स्थानीय निकायों को अपनी आपदा प्रबंधन समितियों की बैठक कर पूर्व-तैयारी करने और जोखिम वाले इलाकों से नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का निर्देश दिया गया है। हालात को देखते हुए आवश्यकतानुसार 9 असोज को स्कूलों की छुट्टियां करने और परीक्षाएं स्थगित करने का भी अधिकार दिया गया है।



