चीन और भारत के साथ संबंधों में लापरवाही या हीनभावना नहीं दिखानी चाहिए: नारायणकाजी श्रेष्ठ
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा है कि नेपाल को चीन और भारत, दोनों के साथ समान एवं सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने चाहिए।
उन्होंने यह टिप्पणी अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के उस बयान की आलोचना करते हुए की, जिसमें उन्होंने भारत की राजधानी नई दिल्ली में कहा था कि ‘भारत विरोधी राष्ट्रवाद का युग समाप्त हो गया है।’
काठमांडू में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए श्रेष्ठ ने आशंका जताई कि सरकार का नेतृत्व कर रहे लोग किसी दिन चीन जाकर यह भी कह सकते हैं कि चीन के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को राष्ट्रवाद का आधार मानने का युग समाप्त हो गया है।
पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं विदेशमंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि चीन और भारत, दोनों देशों के साथ संबंधों के मामले में नेपाल को किसी भी तरह की लापरवाही, गैरजिम्मेदारी या हीनभावना प्रदर्शित नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने नेपाल की राष्ट्रीय संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता, स्वतंत्रता, स्वाभिमान और राष्ट्रीय हित को केंद्र में रखकर स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने पर जोर दिया।
श्रेष्ठ ने टिप्पणी की कि वर्तमान सरकार को नेपाल की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति को निरंतरता देनी चाहिए, लेकिन सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती हुई दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने दोहराया कि नेपाल के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा ही देश की विदेश नीति का प्रमुख आधार होना चाहिए।

