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पाँच सौ और एक हजार के नोट बन्द प्रतिबन्ध का असर नेपाल पर भी पडा है

 

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विनोकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’,काठमांडू, १६ नवम्बर ।

भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने देश से भ्रष्टाचार और अर्थ व्यवस्था में कालाधन को खत्न्म करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाते हुए ५०० और १००० रुपये के नोट को ८ नवंबर की रात ८ बजे टीवी चैनलों पर देश के नाम सन्देश में की । उन्होंने कहा कि देश विरोधी और समाज विरोधी तत्वों के पास मौजूद ५०० और १००० के नोट अब कागज के टुकड़े हो जाएंगे ।

बताया जाता है कि कालेधन को रोकने और बाहर निकालने के लिए भ्रष्टाचार और रिश्तखोरी बन्द करने के लिए, जाली नोट पर अंकुश लगाने के लिए और देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह निर्णय लिया गया है ।

९ और १० नवंबर को पूरे देश में बैंक व एटीएम सेवा बन्द कर दिए गए । विकल्प के रुप में हवाई–अड्डे, बस स्टेशन, अस्पताल, डाकघर मिल्क बूथ और पेट्रोल पम्प में नोटों की अदला–बदली के लिए व्यवस्था कर दी गयी थी । और सरकार ने ११ नवंबर से नये नोट प्रचलन में लाने की घोषणा की थी । १४ नवंबर से सरकार ने बैंकों से नोट बदलने की मौजूदा दैनिक सीमा ४००० से बढ़ाकर ४५०० रुपये करने को कहा है । वही एटीएम से दैनिक नकदी निकासी सीमा को भी २००० रुपये से बढ़ाकर २५०० रुपये किया गया है । साप्ताहिक निकासी सीमा २००० से बढ़ाकर २४००० रुपये की गई है । बैंक काउंटरों से १००० रुपये तक की दैनिक निकासी सीमा समाप्त कर दी गई है ।

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भारत में ५०० और १००० के रुपये पर प्रतिबन्ध का असर नेपाल पर भी पड़ा है । नेपाल राष्ट्रीय बैंक ने पूरे देश में दोनों नोटों के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है । इस संबंध में देश की सभी बैंकों, वित्तीय संस्थानों एवं मनी ट्रान्सफर कंपनियों को सख्त निर्देश किए गए है । नेपाल राष्ट्रीय बैंक इस संकट से निपटने के लिए भारतीय रिजर्ब बैंक को पत्र लिखकर नया दिशा निर्देश मांगने की तैयार में जुट गया है ।

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नेपाल में २५ हजार भारतीय रुपये तक ५०० और १००० के नोटों की अदला–बदली करने की व्यवस्था है । करीब २ वर्ष पूर्व नेपाल में ५०० और १००० के भारतीय नोटों पर प्रतिबन्ध था । पुनः अदला–बदली करने की व्यवस्था की गयी ।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की रिपोर्ट के अनुसार एक अर्ब से ज्यादा ५०० और १००० के नोट नेपाल में मौजूद है । खासकर मारवाड़ी समुदायों के पास ५०० और १००० के नोट मौजूद है, लेकिन ये सभी नोट वैद्य हैं ।

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नेपाल राष्ट्रीय बैंक के प्रवक्ता नारायण प्रसाद पौडेल का कहना है कि पूरे देश में ऐसे नोटों के चलन पर प्रतिबन्ध लगाने के बाद अब भारत सरकार के निर्देश के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा । वैसे नेपाल में भारतीय नोट बेरोक टोक चलता है । उसे नेपाली करेंसी में बदलने की जरुरत नहीं है ।

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