मधेस को अलग करने का खस षडयंत्र : अजय कुमार झा
जलेश्वर | नेपाल के सन्दर्भ में देखने पर यह प्रतीत होता है कि नेपाल में मधेस वाहेक सभी क्षेत्रों का विकास दर पिछले २५ वर्षों में आसमान छू लिया है। लेकिन सहज ही खेलखेल में विकसित कियाजानेवाला क्षेत्र मधेस के प्रति सभी नेता और कर्मचारी का योजना पूर्वक वक्रदृष्टि रहा है। नेपाल के अभीतक के किसी भी प्रधान मंत्री और सरकार ने मधेस के प्रती सकारात्मक और सृजनात्मक दृष्टिकोण नहीं रहा है। जिससे प्रमाणित होता है की नेपाल के अभीतक के सरकारों ने मधेस को नेपाल का अंग माना ही है। सौतेला ही नहीं शत्रु पडोसी जैसा व्यवहार करते आ रहा है।
अब जब की अबतक के सबसे शक्तिशाली चार तिहाई वहुमत की (ओली जी) के नेतृत्व में सरकार बनी है तो मधेसी आम जन मानस में एक आशा की किरण पनपता दिखाई दे रहा है। आवश्यक है की प्रधानमंत्री ओली जी का ध्यान मधेस और मधेसियों के समुचित विकास के प्रति आकर्षित हो। मधेस में नाम और सम्मान कमाना बहुत आसान है। वस! भौतिक विकास और जागीर की व्यवस्था हो जाय। धन्यवाद !


