बाल–बच्चे को सिर्फ मदरसा शिक्षा में सीमित रखना ठीक नहीं हैः मुख्यमन्त्री राउत
बीरगंज, ७ जुलाई । प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत ने कहा है कि मुस्लिम समुदायों के बालबालिकाओं को सिर्फ मदरसा शिक्षा में सिमित रखना ठीक नहीं है । उनका मानना है कि आज की युग में सिर्फ मदरसा शिक्षा से जीवन आगे बढ़नेवाला नहीं है । बीरगंज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा– ‘हां मुस्लिम समुदाय के बालबालिकाओं को मदरसा में भी अध्ययन करना चाहिए, लेकिन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे विषयों को भी अध्ययन आज की आवश्यकता है ।’

मुख्यमन्त्री राउत ने कहा कि मदरसा द्वारा इस्लाम धर्म की ज्ञान प्राप्त होती है, लेकिन आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए आधुनिक पढ़ाई भी जरुरी है । प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक होनेवाला मदरसा शिक्षा बोर्ड गठन संबंधी विधेयक २०७५ और दलित सशक्तीकरण संबंधी व्यवस्था के लिए निर्मित विधेयक २०७५ के संंबंध में आयोजित विचार–विमर्श गोष्ठी में मुख्यमन्त्री राउत बोल रहे थे । उसी कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने मुस्लिम अभिभावकों से आग्रह किया कि अपनी बाल–बच्चे को आधुनिक स्कुल में भी भेजना जरुरी है ।

मुख्यमन्त्री राउत को यह भी मानना है कि पूर्व सरकार ने मधेश में रहे मुस्लिम और दलितों को उपेक्षा की है, जिसके कारण वे लोग पीछे पड़ गए हैं । उनका यह भी मानना है कि संघीयता पूर्व स्थापित राजनीतिक दलों ने दलित और मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक के रुप में प्रयोग किया है ।
कार्यक्रम प्रदेश नं. २ के मुख्य न्यायाधिवक्ता दीपेन्द्र झा की सभापतित्व में सम्पन्न हुआ था । कार्यक्रम में प्रदेश सांसद जन्नत अन्सारी, पोखरिया नगरपालिका के उप–मेयर सलमा खातुन, मानदेव हाजरा, शशीकपुर मिया जैसे व्यक्तित्व भी सहभागी थे । कार्यक्रम संचालन सलाउदीन अहमद ने किया ।


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