Sun. Feb 16th, 2020

महाराष्ट्र में राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना पहुंची सुप्रीम कोर्ट

हिमालिनी के लिए मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट……._मुंबई/नई दिल्ली — महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर जारी घमासान के बीच राज्यपाल द्वारा राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश के फैसले को शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। शिवसेना ने कहा है कि उसने एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन पत्र हासिल करने के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने उसे खारिज कर दिया। शिवसेना का कहना है कि राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने की सूचना देने के लिए 48 घंटे का समय दिया। वहीं समर्थन पत्र हासिल करने के लिए शिवसेना को सिर्फ 24 घंटे का समय दिया।

शिवसेना ने राज्यपाल पर सरकार बनाने के अवसर से इनकार करने के लिए बीजेपी के इशारे पर जल्दबाजी में काम करने का आरोप लगाया।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में शिवसेना ने कहा है कि राज्यपाल ने इस मामले में फास्ट फार्वड तरीके से काम किया है। राज्यपाल का शिवसेना को वक्त न देने का का फैसला अंसवैधानिक, मनमाना, अवैध और समानता के अधिकार का उल्लंघन है। शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह सरकार बनाने के लिए उसे पर्याप्त समय देने का दिशा-निर्देश जारी करे।

विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद बीजेपी खेमा फिलहाल राहत महसूस कर रहा है। वहीं शिवसेना की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट की ओर टिकी है। महाराष्ट्र की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले प्रेक्षकों का मानना है कि अगले एक माह के अंदर राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

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