चारलाख राशि की पृथ्वी प्रज्ञा-पुरस्कार वाङ्मय शताब्दी पुरुष सत्यमोहन जोशी काे
काठमाडाैं :
सरकारी स्तर से प्रदान किया जाने वाला देश का सर्वाधिक राशि का पृथ्वी प्रज्ञा-पुरस्कार वाङ्मय शताब्दी पुरुष सत्यमोहन जोशी काे दिया गया है। नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान ने चार वर्ष पर दिया जाने वाले पुरस्कार की राशि चार लाख नगदसहित दोसल्ला और सम्मानपत्र है। राष्ट्रपति निवास में सोमबार आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी शताब्दी पुरुष जोशी काे पुरस्कार प्रदान किया। इसी तरह नेपाल प्रज्ञा सामाजिक शास्त्र-संस्कृति-दर्शन पुरस्कार प्रा डा त्रिरत्ननारायण मानन्धर काे दिया गया। प्रत्येक दाे वर्ष में प्रदान किए जाने वाले इस पुरस्कार की राशि एक लाखसहित दोसल्ला और सम्मानपत्र है। नेपाल प्रज्ञा भाषा पुरस्कार प्रा डा टंकप्रसाद न्यौपाने का दिया गया। प्रत्येक दाे वर्ष में दिए जाने वाले उक्त पुरस्कार की राशि एक लाख, दोसल्ला और सम्मानपत्र है। नेपाल प्रज्ञा नेपाली साहित्य पुरस्कार ९२०७५० मदन रेग्मी, नेपाल प्रज्ञा नेपाली साहित्य पुरस्कार ९२०७६० भागीरथी श्रेष्ठ, नेपाल प्रज्ञा मातृभाषा साहित्य पुरस्कार ९२०७५० पहाडी और हिमाली क्षेत्र में बोलि जाने वाली मातृभाषा साहित्य के लिए अमर तुम्याहाङ, नेपाल प्रज्ञा मातृभाषासाहित्य पुरस्कार ९२०७५० तराई-मधेश में बोली जाने वाली मातृभाषा साहित्य के लिए अयोध्यानाथ चौधरी काे प्रदान किया गया है। इसी तरह नेपाल प्रज्ञा मातृभाषा साहित्य पुरस्कार ९२०७६० पहाडी और हिमाली क्षेत्र में बाेली जाने वाली मातृभाषा साहित्य के लिए अमृत योञ्जन तामाङ तथा नेपाल प्रज्ञा मातृभाषा साहित्य पुरस्कार ९२०७६० तराई-मधेश में बोली जाने वाली मातृभाषा साहित्य के लिए अशोक थारु काे प्रदान किया गया। उक्त पाँचाे पुरस्कार की राशि एक लाख नगद, दोसल्ला और सम्मानपत्र है। राष्ट्रपति भण्डारी ने राष्ट्रिय कविता महोत्सव २०७६ मे् विजयी कवियाें काे भी पुरस्कृत किया । महोत्सव में पहला स्थान हासिल करने वाले धादिङ के हेम प्रभास काे ३५ हजार, दूसरा स्थान हासिल करने वाले डोटी के सुभाषचन्द्र भण्डारी काे २५ हजार, तीसरा स्थान हासिल करने वाले लमजुङ के प्रज्वल अधिकारी, सोलुखुम्बु की शान्ति शर्मा और काठमाडौँ के प्रकाश बस्नेत काे २० हजार प्रदान किया गया। कार्यक्रमलाई सम्बोधन करते हुए राष्ट्रपति भण्डारी ने वाङ्मय क्षेत्र के विकास के लिए बधाई दी। संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्ययनमन्त्री योगेश भट्टराई ने कहा कि पूर्वीय सभ्यता एकता का सन्देश देती है । एक साै २३ भाषा, अनेकाें धर्म संस्कृति वाली नेपाली राष्ट्रियता से संगठित हैं । प्रतिष्ठान के कुलपति गंगाप्रसाद उप्रेती ने इसी सप्ताह के भीतर महाकवि लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा के निवास काे संग्रहालय के रुप में स्थापित करने के अभियान शुरु हाेने की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रतिष्ठान के उपकुलपति जगमान गुरुङ, सदस्य सचिव जगतप्रसाद उपाध्याय, सदस्य हेमनाथ पौडेल आदि ने प्रतिष्ठान द्वारा प्रदान करने वाले पुरस्कार के विषय में जानकारी दी।

