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सर्वोच्च अदालत द्वारा रवि लामिछान के विरुद्ध अन्तरिम आदेश अस्वीकार

 

काठमांडू, २३ पुस –

रवी लामिछाने, फाईल तस्वीर

सर्वोच्च अदालत ने उपप्रधान तथा गृहमन्त्री रवि लामिछाने विरुद्ध आन्तरिम आदेश को अस्वीकार कर दिया है । लेकिन रिट को अग्राधिकार देकर लामिछाने के प्रतिनिधिसभा सदस्य में निर्वाचित सांसद होने की योग्यता रहेगी की नहीं, इस विवाद को लेकर ११ माघ २०७९ गते पूर्ण सुनुवाइ के लिए पेश करने का आदेश दिया है ।
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा)के सभापति समेत लामिछाने चितवन २ से निर्वाचित हुए हैं ।
अमेरिका के ग्रिनकार्ड को त्यागने के बाद लामिछाने ने नेपाली नागरिकता पुनः कायम करने की प्रक्रिया नहीं की है । यह कहकर लामिछाने के विरुद्ध निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज की गई थी । आयोग के निर्णय नहीं देने के बाद सर्वोच्च में रिट दी गई थी ।
प्रारम्भिक सुनुवाइ के क्रम में अन्तरिम आदेश नहीं देने के संवैधानिक इजलास में शुक्रवार को दोनों पक्ष ने बहस किया था ।
रिट निवेदक की ओर से बहस करने वाले कानून व्यवसायी ने लामिछाने के नेपाली नागरिकता कायम नहीं होने का जिक्र किया था । सरकारी और लामिछाने के कानून व्यवसायी ने कहा अन्तरिम आदेश जारी नहीं किया गया था ।
संवैधानिक इजलास ने कहा है कि नागरिकता कायम रहेगी की नहीं, और संसद होने की योग्यता होने नहीं होने के विषय में जल्द से जल्द सुनुवाइ करके निरुपर्ण करने का निष्कर्ष निकाला जाए ।
इसी के साथ तत्काल के लिए रवि का सांसद पद बच गया है । और पूर्ण सुनुवाइ के लिए ११ गते माघ के पेशी तय की गई है ।

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संवैधानिक इजलास ने स्पष्ट रुप से कहा है कि रवि की उम्मीदवारी के बारे में निर्वाचन आयोग ने जो निर्णय दिया उसका असली, रवि द्वारा अध्यागमन विभाग में पेश किए हुए कागजात और उस पर हुए कार्यबाही ७ दिन के भीतर भेजने का आदेश दिया है ।

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