Sat. Oct 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

आज पिता के सम्मान एवं स्मृति में कुशे औंसी मनाया जा रहा

 

काठमांडू. 2 सितम्बर

भाद्र कृष्ण औंसी के दिन मनाया जाने वाला कुशे औंसी आज मनाया जा रहा है. यह पवित्र कुश, जिसका उपयोग पूरे वर्ष भक्ति और पितृअनुष्ठानों में किया जाता है, को घर में लाकर मनाया जाता है।

शास्त्रोक्त विधि के अनुसार ऐसा माना जाता है कि कुश को घर में रखने से, जिसे ब्राह्मण द्वारा पूजा करके जजमान के पास ले जाया जाता है, इससे परिवार में समृद्धि आती है। शास्त्रीय मान्यता है कि इन दिनों में तोड़ा गया कुश पूरे वर्ष भर उपयोग में लाया जा सकता है तथा अन्य दिनों में तोड़ा गया कुश केवल उसी दिन उपयोग में लाया जा सकता है।

यह भी पढें   कांग्रेस महाधिवेशन – सह महामंत्री में जीवनबहादुर शाही निर्वाचित

सनातन धर्मावलंबी कुश, तुलसी, पीपल और शालिग्राम को भगवान विष्णु का प्रतीक मानते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने तर्कसंगत प्राणियों के साथ पवित्र कुश का निर्माण किया। इन दिनों घर में रखे कुश का उपयोग साल भर होने वाले देवकार्य और पितृकार्य में किया जाता है। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार बच्चे अपने पिता को उनकी पसंदीदा मिठाइयाँ और भोजन खिलाते हैं, सम्मान देते हैं और अपने पिता का चेहरा देखते हैं। जिनके पिता नहीं होते वे विभिन्न पवित्र स्थानों पर जाकर अपने पिता के नाम पर तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करते हैं।

यह भी पढें   जनकपुरधाम के शक्ति पीठों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

इस दिन काठमांडू के उत्तरपूर्वी भाग, जिसे उत्तर गया के नाम से जाना जाता है, में स्थित गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक विशेष मेला लगता है। इसीलिए आज के औंस को गोकर्ण औंस के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में दिवंगत पिता के नाम पर तर्पण, पिंडदान और सिदादान करने वालों की भीड़ लगी हुई है।

‘पितृदेवो भव’ की धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यदि संतान अपने पिता को श्रद्धापूर्वक उनकी रुचि के अनुसार भोजन खिलाएं तो वे प्रसन्न रहेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

यह भी पढें   न्यायाधीश रणबहादुर बम हत्याकांड के दोषी फरार बाबु थापा सर्लाही से गिरफ्तार

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com