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कश्मीर के लोगों का प्यार और मुझ पर दिखाए गए विश्वास के लिए मर भी सकता हूं : मोदी

 

modi-jkश्रीनगर: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीरी लोगों के दर्द को बांटने में सांप्रदायिक सौहार्द, मानवता और लोकतंत्र की अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना का उदाहरण दिया और राज्य को विकास की नई उंचाइयों पर ले जाने का वादा किया।
घाटी में अपनी पहली चुनावी सभा में उन्होंने कहा, ‘कश्मीर के लोगों ने हमें काफी प्यार दिया है और हम पर विश्वास किया है। मैं इस प्यार और विश्वास को ब्याज के साथ विकास के रूप में चुकाऊंगा। मैं इस प्यार और मुझ पर दिखाए गए विश्वास के लिए मर भी सकता हूं।’ हालांकि उन्होंने अपनी इस रैली में अनुच्छेद 370 को खत्म करने जैसे विवादास्पद मुद्दों का जिक्र नहीं किया।

तीसरे चरण के तहत 16 सीटों पर सुबह 10 बजे तक 11.76 प्रतिशत मतदान हुआ है। कड़ाके की ठंड और धुंध के बावजूद लोगों की मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। बारामूला जिले के तंगमार्ग स्थित खाई पोरा बूथ पर पेट्रोल बम से हमला किया गया है। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान करने जा रहे हैं। कई स्थानों पर मतदान के दौरान व्यवधान पैदा करने की कोशिश की जा रही है। कई स्थानों पर महिलाओं और पुरुषों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

अपने 30 मिनट के भाषण में मोदी ने पिछले 30 वर्षों के दौरान ‘कांग्रेस, पिता-पुत्र और पिता-पुत्री’ की सरकारों में ‘चौतरफा’ भ्रष्टाचार पर भी प्रहार किया और लोगों से विकास करने के लिए ‘एक मौका’ देने को कहा।
परंपरागत कश्मीरी वस्त्र ‘फिरन’ पहने हुए मोदी ने लोगों के साथ रिश्ता जोड़ते हुए कहा, ‘मैं प्रधान सेवक के रूप में आपके दुख बांटने आया हूं। आपके दुख मेरे दुख हैं, आपके दर्द मेरे दर्द हैं, आपकी समस्या मेरी समस्या है। मैं कुछ लेने नहीं आया हूं।’
उन्होंने कहा, ‘सेना और पुलिस के लोगों के साथ ही निर्दोष युवक भी मारे गए हैं। उनकी क्षति अपूरणीय है और कोई भी इसकी क्षतिपूर्ति नहीं कर सकता, लेकिन बांटने से दर्द कम होता है।’

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साल 2003 में इसी स्थान पर वाजपेयी के मशहूर भाषण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘वाजपेयी ने अच्छी शुरुआत की। मैं इसे आगे बढ़ाने आया हूं। इसे आगे बढ़ाना और इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत के सपने को पूरा करना मेरा कर्तव्य है। ये तीन स्तंभ कश्मीर को 21वीं सदी में विकास के रास्ते पर ले जाएंगे।’

अपने भाषण की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 30 वषरें में पहली बार किसी नेता ने शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करने का साहस दिखाया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी ने स्टेडियम परिसर के पास स्थित मैदान में जनसभाओं को संबोधित किया था।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार सेना ने संवाददाता सम्मेलन में दो निर्दोष युवकों को मारने की गलती स्वीकार की और गोली चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा, ‘पिछले 30 वर्षों में ऐसा नहीं हुआ। ये मोदी सरकार का कमाल है। ये मेरे नेक इरादों का सबूत है।’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद खत्म हो सकता है लेकिन भ्रष्टाचार नहीं। उन्होंने कहा, ‘मैं भ्रष्टाचार खत्म करना चाहता हूं। जब तक इसे खत्म नहीं किया जाता, आम लोगों की जिंदगी बेहतर नहीं होगी।’

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राज्य में भ्रष्टाचार का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि दिवाली के दौरान जब हम बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले तो उन्होंने कहा कि धन राज्य सरकार को नहीं दिया जाना चाहिए बल्कि सीधे उनके खातों में भेजा जाना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘यह दिखाता है कि वे अपनी राज्य सरकार पर भरोसा नहीं करते बल्कि मोदी पर करते हैं जिनमें उन्होंने इतना विश्वास दिखाया है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जुलाई से कश्मीर का दौरा कर रहे हैं और 2015 में फिर आएंगे। हिमालय गौरव उत्‍तराखण्‍ड |हिन्‍दी न्‍यूस | उत्‍तराखण्‍ड

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