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जब तिरंगा लहराता है तब भारत का स्वाभिमान मुस्कुराता है : बिमल सरार्फ

 

बिमल सरार्फ, रक्सौल, बिहार, भारत 15 अगस्त 2026 । तिरंगा केवल तीन रंगों से बना एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा, अस्मिता, एकता और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आकाश में तिरंगा शान से लहराता है, तब प्रत्येक भारतीय के हृदय में देशभक्ति, गर्व और सम्मान की भावना जाग उठती है। तिरंगे को देखते ही हमें उन अनगिनत वीरों का स्मरण होता है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

हमारा राष्ट्रीय ध्वज तीन रंगों—केसरिया, श्वेत और हरे—से मिलकर बना है। केसरिया रंग त्याग, साहस और वीरता का संदेश देता है। श्वेत रंग शांति, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है, जबकि हरा रंग समृद्धि, विकास और प्रकृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके मध्य स्थित अशोक चक्र हमें निरंतर आगे बढ़ते रहने और कर्म के मार्ग पर चलते रहने की प्रेरणा देता है।

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तिरंगा हमें यह भी सिखाता है कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। भाषा, क्षेत्र, वेशभूषा, परंपरा और संस्कृति की अनेक भिन्नताओं के बावजूद जब तिरंगा लहराता है, तो हम सबकी पहचान एक हो जाती है—हम भारतीय हैं।

१५ अगस्त केवल स्वतंत्रता का उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है। हमें यह विचार करना चाहिए कि जिन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उस भारत के निर्माण में हम अपना कितना योगदान दे रहे हैं। देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान गाने या देशभक्ति के नारे लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ईमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन करना, कानून का सम्मान करना, स्वच्छता बनाए रखना, प्रकृति की रक्षा करना, समाज में भाईचारा बढ़ाना और राष्ट्रहित को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखना भी सच्ची देशभक्ति है।

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आज जब भारत नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है, तब तिरंगा हमें अपने गौरवशाली अतीत के साथ-साथ उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी भी याद दिलाता है। देश की प्रगति केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है; प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

आइए, इस १५ अगस्त पर हम केवल तिरंगे को सलामी ही न दें, बल्कि उसके सम्मान को अपने आचरण में भी उतारने का संकल्प लें। हमारे कर्म ऐसे हों कि तिरंगे की शान सदैव ऊँची रहे और आने वाली पीढ़ियाँ गर्व से कह सकें कि उन्होंने एक मजबूत, समृद्ध, शांतिपूर्ण और गौरवशाली भारत के निर्माण में अपना योगदान दिया है।

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तिरंगा हमारी पहचान है, हमारी प्रेरणा है और हमारे राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है।

आइए, स्वतंत्रता दिवस पर संकल्प लें—

तिरंगे की शान कभी झुकने नहीं देंगे,
भारत की एकता कभी टूटने नहीं देंगे
और राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखेंगे।

जय हिंद! 🇮🇳
वंदे मातरम्!

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