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नेपाल बाढ़: 7,570 निजी घर क्षतिग्रस्त, सरकार तीन सप्ताह में बनाएगी अस्थायी आवास

 

काठमांडू।

शहरी विकास तथा भवन निर्माण विभाग ने 10 भाद्र को आई भोटेकोशी की विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से देश के विभिन्न जिलों में 7,570 निजी मकानों के क्षतिग्रस्त होने का प्रारंभिक आंकड़ा जारी किया है।

मंगलवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में विभाग के महानिदेशक इंजीनियर रवीन्द्र बोहरा ने बाढ़ से हुए भौतिक नुकसान और सरकार की पुनर्वास योजना की जानकारी दी।

सबसे ज्यादा नुकसान नुवाकोट, धादिङ और रसुवा में

विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक क्षति नुवाकोट, धादिङ और रसुवा जिलों में हुई है।

जिला

क्षतिग्रस्त घर

नुवाकोट

3,977

धादिङ

3,451

रसुवा

1,779

गोरखा

263

चितवन

61

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक केवल निजी आवासों को ही लगभग 12 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ है।

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सरकारी भवनों को भी भारी नुकसान

बाढ़ और भूस्खलन से 45 सरकारी भवनों, विद्यालयों और सार्वजनिक संरचनाओं को आंशिक या पूर्ण क्षति पहुंची है। इन संरचनाओं के नुकसान का अनुमानित आर्थिक बोझ करीब 4.5 अरब नेपाली रुपये बताया गया है।

3,450 लोग स्कूलों और सामुदायिक भवनों में रह रहे हैं

फिलहाल बाढ़ प्रभावित 3,450 लोग 18 विद्यालयों और विभिन्न सामुदायिक भवनों में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। चूंकि स्कूलों को दोबारा खोलना जरूरी है, इसलिए विभाग ने प्रभावित परिवारों को जल्द स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखा है।

तीन सप्ताह में बनेंगे ‘ट्रांजिशनल शेल्टर’

विभाग ने अगले तीन सप्ताह के भीतर अस्थायी आवास (ट्रांजिशनल शेल्टर) तैयार करने की योजना बनाई है। प्रीफैब्रिकेटेड तकनीक से बनने वाले प्रत्येक अस्थायी घर की लागत लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर होगी।

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इस परियोजना पर करीब 90 करोड़ नेपाली रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें विभिन्न दाता एजेंसियों से सहयोग मिलने की उम्मीद है।

2015 के भूकंप से अलग है इस बार की चुनौती

महानिदेशक रवीन्द्र बोहरा ने कहा कि इस बार की आपदा 2015 के भूकंप से अलग है।

“भूकंप में केवल घर गिरे थे, लेकिन इस बार बाढ़ पूरी की पूरी बस्तियां बहाकर ले गई है। कई स्थानों पर जमीन ही असुरक्षित हो गई है। इसलिए सुरक्षित भूमि की पहचान और नए स्थान पर पुनर्वास हमारी सबसे बड़ी चुनौती है।”

स्थायी पुनर्वास की तैयारी

स्थायी पुनर्वास के लिए विभाग ने नुवाकोट के विदुर क्षेत्र को संभावित सुरक्षित स्थान मानते हुए प्रारंभिक अध्ययन शुरू कर दिया है। सरकार स्थायी आवास निर्माण के लिए प्रति परिवार 7 लाख नेपाली रुपये तक अनुदान देने पर विचार कर रही है, हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय मंत्रिपरिषद को लेना है।

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वर्तमान में विभाग की चार तकनीकी टीमें धादिङ, नुवाकोट और रसुवा के प्रभावित इलाकों में विस्तृत सर्वेक्षण कर रही हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद अस्थायी आवास और स्थायी बस्ती विकास का कार्य तेज किया जाएगा।

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