Sat. Nov 7th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कैसे करें कन्या पूजन

 

२८ सितम्बर

 

महाअष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। कुछ लोग अष्टमी के दिन और कुछ नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं।  परिवार की रीति के अनुसार किसी भी दिन कन्या पूजन किया जा सकता है।

3 से 9 साल तक आयु की कन्याओं तथा साथ ही एक लांगुरिया (छोटा लड़का) को खीर, पूरी, हलवा, चने की सब्जी आदि खिलाए जाते हैं।

कन्याओं को तिलक करके, हाथ में मौली बांधकर, गिफ्ट दक्षिणा आदि देकर आशीर्वाद लिया जाता है, फिर उन्हें विदा किया जाता है।

यह भी पढें   जागृत नागरिक से मजबूत लोकतंत्र, संवेदनशील इंसान से सुंदर समाज : बिमल सरार्फ,

महानवमी पूजन और विसर्जन : 

महानवमी के दिन मां का विशेष पूजन करके पुन: पधारने का आवाहन कर, स्वस्थान विदा होने के लिए प्रार्थना की जाती है।

कलश के जल का छिड़काव परिवार के सदस्यों पर और पूरे घर में किया जाता है ताकि घर का प्रत्येक स्थान पवित्र हो जाए।

अनाज के कुछ अंकुर मां के पूजन के समय चढ़ाए जाते हैं। कुछ अंकुर दैनिक पूजा स्थल पर रखे जाते हैं, शेष अंकुरों को बहते पानी में प्रवाहित कर दिया जाता है।

यह भी पढें   भारत नेपाल को कितनी आर्थिक सहायता देगा? क्या 2 अरब डॉलर के पैकेज के लिए हो रही है बालेन शाह की भारत यात्रा ?

कुछ लोग इन अंकुरों को शमी पूजन के समय शमी वृक्ष को अर्पित करते हैं और लौटते समय इनमें से कुछ अंकुर केश में धारण करते हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com