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भारत को नेपाल के जलश्रोत में कोई दिलचस्पी नही, भारत में ही बिजली पर्याप्त है : डा. विजय चौथाईवाले

 

पाकिस्तान जब तक अपनी सीमा के पार आतंकवाद को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू नहीं करता है तब तक पाकिस्तान के साथ कोई सार्थक चर्चा करना संभव नही है |

शुक्रवार को राजधानी में नेपाल-भारत मैत्री समाज द्वारा समाज के अध्यक्ष श्री प्रेम लश्करी की अध्यक्षता में आयोजित ‘नेपाल भारत सहयोग: संभावनाएं और चुनौतियां वर्तमान प्रसंग’ में एक बातचीत को संबोधित करते हुए, सत्तारूढ़ भाजपा के विदेश मामलों विभाग के प्रभारी डा. विजय चौथाईवाले ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बैठना काफी मुश्किल है | पाकिस्तान जब तक अपनी सीमा के पार आतंकवाद को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू नहीं करता है तब तक पाकिस्तान के साथ कोई सार्थक चर्चा करना संभव नही है | दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की वर्तमान अध्यक्ष के रूप में नेपाल अपनी क्षमता अनुसार सार्क शिखर सम्मेलन करवाने का प्रयाश करता आया है | इस संभावना को भारत में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के  वरिष्ठ नेता डा. विजय चौथाईवाले ने निकट भविष्य में  शिखर सम्मेलन की संभावना को इंकार कर दिया है |

चौथाईवाले ने कहा, “भारत के लिए टेबल पर बैठना और सार्थक स्थिति पर चर्चा करना तब तक मुश्किल है, जब तक कि भारत इस स्थिति पर कायम है कि पाकिस्तान को आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ठोस उपाय करने होंगे।” “पाकिस्तान के साथ सार्क अब भारत के लिए एक कठिन प्रस्ताव है।”

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यह कहते हुए कि पाकिस्तान अब तक भारत की चिंताओं को दूर करने के लिए कोई ठोस उपाय करने में विफल रहा है, डा. विजय चौधियावाले ने संकेत दिया कि SARC का भविष्य तब तक अनिश्चित है जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर  भारत की चिंताओं का समाधान नहीं करता। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को द्विपक्षीय स्तर पर निपटाया जाएगा,” उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी भी तीसरे पक्ष द्वारा मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता है जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प कह रहे हैं।
भारत अभी पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं कर रहा है जब तक कि इस्लामाबाद अपनी धरती से निकल रही आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता।

मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू किए गए परिवर्तनकारी विकास के एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए डा. विजय चौथाईवाले ने यह भी कहा कि नेपाल कैसे तेजी से विकासशील भारतीय अर्थव्यवस्था से अपनी निकटता का लाभ उठा सकता है इस पर विचार करना नेपाल के लिए लाभदायक होगा । नेपाल में एक वेर्ग के लोगों की चिंताओं को खारिज करते हुए कि उन्होंने कहा कि भारत के पास नेपाल को अस्थिर करने की कोई योजना नहीं है और वह आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता है नेपाल।

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“नेपाल में लोगों के एक समूह का कहना है कि भारत इसे अस्थिर करने के लिए अपने भव्य डिजाइन का पीछा कर रहा है। हालांकि, वास्तविकता अलग है। नेपाल को अस्थिर करने के लिए भारत के पास कोई योजना नहीं है,

उन्होंने कहा कि नेपाल की राजनीति और विकास का मोडेल नेपाल के ही लोग तय करेंगे ।’ चौथाइवाले ने स्पष्ट किया कि नेपाल की सम्प्रभुता को वे सम्मान करतें हैं यह उन्होंने दो वर दोहराई |

उनके अनुसार नेपाल और भारत के बीच सभी विषयों पर सहमती नही भी हो सकती है लेकिन हमारा सम्बन्ध सुदृढ करने के आलावा और कोई विकल्प नही है | उन्होंने उदाहरन देते हुए बताया कि ‘उत्तर एटलान्टिक सन्धि संगठन (नेटो)  राष्ट्रों के बिच तो सभी विषयों पर सहमति नही हो पाती है फिर हमारे बिच भी सभी विषयों पर सहमती होना जरूरी नही है | लेकिन दोनों को विन विन जरिये समझदारी करना जरूरी है | श्री चौथाइवाले ने कहा कि नेपाल की एकता के पक्ष में भारतीय जनता पार्टी खड़ी है इसमें कोई भ्रम में नही रहें । भारत नेपाल को दबाने के लिए नही समान हैसियत का मित्र है|

डा. विजय चौथाईवाले ने सांकेतिक रूप में नेपाल को सतर्क कर दिया है कि जिस बिजली पर या जलश्रोत को लेकर नेपाल भारत पर आरोप लगता आया है कि भारत हमेसा बार्गेनिग करता आया है अब भारत को कोई दिलचस्पी नही है |   डा. विजय चौथाईवाले का कहना था कि आज के दिन भारत में विद्युत् की आवश्यकता लगभग पूरा होने की स्थिति में है | भारत में अब पहले जैसी  बिद्युत की आबश्यकता नही रह गई है | उन्होंने कहा कि भारत अब पहले का भारत नही रह गया है |

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चौथाइवाले स्पष्ट संकेत किया कि जलविद्युत् उत्पादन में अब भारत की इच्छा नही रह गई है । जलविद्युत् में लगानी कौन kre, विद्युत प्रसारण लाइन कौन और कैसे बनाबे इन्सारी विषयों पर अब भारत का ध्यान नही रह गया है | भारत को ऊर्जा का अभाव अब नही रह गया है इस अवस्था में नेपाल में उत्पादित विद्युत् कैसे लिया जाय इस जटिल प्रश्न का समाधान खोजना पड़ेगा ।

नेपाल के लिये भारतीय राजदूत श्रीमन्जिब सिहं पुरी ने नेपाल और भारत के बीच सहयोग की अनगिनित संभावनाएं होने कि बात उल्लेख किया | डा बिजय चौथाइबाला का परिचय देते हुये भारतीय प्रधानमन्त्री मोदी की बैदेशिक यात्रा में भी उनका योगदान रहने उल्लेख राजदूत श्रीमन्जिब सिहं पुरी ने किया |

विजय चौथाईवाले
सत्तारूढ़ भाजपा के विदेश मामलों विभाग के प्रभारी डा.

 

 

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