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एक नयी पहलः दहेज के पैसों से सामाजिक कार्य, गरीबों में बांटे गए कपडे

 

अंशु झा, २८ नवम्बर, सप्तरी ।
मिथिलाञ्चल में शादी में दहेज लेन आम बात है । लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो दहेज लेना अपराध मानते हैं । ऐसे ही उदाहरणीय व्यक्तित्व में से एक व्यक्ति सप्तरी में मिले हैं, जिन्होंने शादी में खर्च होनेवाला दहेज का रकम गरीब परिवार के महिला तथा बाल–बालिकाओं में बांट दिया है । समाचार सप्तरी जिला हनुमाननगर कङ्कालिनी नगरपालिका–४ मधवापुर का है ।
स्थानीय शैलेन्द्रचन्द्र झा ने अपनी पुत्री अभिलाषा के विवाह के लिए कुछ रकम जुगाड़ किए थे । लेकिन होनेवाला दामाद अमित झा (बलानविहुल गाउँपालिका–४ निवास अमरनाथ झा के बेटा) ऐसे निकल गए, जिन्होंने दहेज लेने से अस्वीकार किया । उसी दहेज के पैसों से शैलेन्द्रचन्द्र झा ने गरीबों के लिए कुछ गर्म कपडे खरिदे और बांट दिया ।

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शैलेन्द्र के पारिवारिक श्रोत के अनुसार दुल्हन अभिलाषा और उनके पिता शैलेन्द्र ने विपन्न समुदाय के २५० महिला और ३०० बालबालिकाओं को गरम कपडा प्रदान किया है । उसी प्रकार जो वृद्ध और अशक्त हैं और वितरण कार्यक्रम में उपस्थिति होने के लिए असमर्थ थे, उन लोगों को भी उनके ही घर में जाकर कर्म कपड़े बाटा गया । इसतरह की सुविधा प्राप्त करनेवाले वृद्ध–वृद्धाओं की संख्या २४ है । उन लोगों को पिता–पुत्री दोनों मिलकर कपडे प्रदान किए थे ।
दुल्हन के पिता झा ने बताया कि दुल्हा के पिता अमरनाथ झा के सहमति में ही यह सामाजिक कार्य सफल हुआ है । उन्होंने ही दहेज लेने से मना किया और विपन्न परिवार को लक्षित कर जाडे के समय में गरम कपडे बांटने के लिये सहमति जताई ।
इस कार्य से गरीब वर्ग जो जाडा को किस प्रकार काटा जाय सोचते हैं, वो गरम कपडे पाकर बहुत खुश हुए हैं । लाभान्वित उर्मिला सदा ने बताया कि हमलोग दो वक्त के खाना के तलाश में कपडा पर ध्यान ही नहीं देते और ठंढ में कांपते रहते हैं, यह कार्य हमलोगों के लिये बहुत उपयोगी हुआ है ।

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