Wed. Aug 5th, 2020

हांगकांग : पुस्‍तकालय में लोकतंत्र समर्थकों द्वारा लिखित पु‍स्‍तकों पर लगा प्रतिबंध

  • 91
    Shares

हांगकांग एजेंसी।

यहां के स्‍कूलों ने उन किताबों को हटाने के लिए कहा है जो नए राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानूनों का उल्‍लंघन कर सकती है। स्कूल ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के हवाले से कहा कि यदि पुस्‍तकों सहित किसी भी शिक्षण सामग्री में राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून का अतिक्रमण होता है तो उन्‍हें हटा दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि उपयुक्त और उचित शिक्षण संसाधनों को चुनने के मामले में स्कूलों की गेटकीपिंग की भूमिका है। अगर कोई समस्या सामने आती है तो ब्यूरो गंभीरता से कार्रवाई करेगा।

पुस्‍तकालय पर लोकतंत्र समर्थकों द्वारा लिखित पु‍स्‍तकों पर लगा प्रतिबंध

यह भी पढें   लागुऔषध के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार

हांगकांग में वार्षिक लोकतंत्र समर्थक मार्च पर प्रतिबंध लगाया गया इसके बाद लैम सरकार ने सार्वजनिक पुस्‍कालयों पर लोकतंत्र समर्थकों द्वारा लिखित पु‍स्‍तकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सार्वजनिक पुस्‍कालयों से इन किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हांगकांग सरकार लोकतंत्र समर्थकों द्वारा लिखी गई कई पुस्‍तकों की समीक्षा करवा रही है। इसके साथ उन पुस्‍तकों पर भी सरकार की नजर है, जो हांगकांग की आजादी की हिमायती हैं। हांगकांग स्टैंडर्ड ने बताया कि सार्वजनिक पुस्तकालय की वेबसाइट में जोशुआ वोंग ची-फंग, वान चिन और सिविक पार्टी के सांसद तान्या चान द्वारा लिखित कई किताबों को लैम सरकार समीक्षा के तहत पुस्‍तकालयों से हटा दिया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून अमल में आते ही लोकतंत्र समर्थकों पर कड़ा पहरा लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चीन समर्थक कैरी लैम सरकार ने असंतोष को खत्‍म करने के लिए राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून को सख्‍ती से लागू करना शुरू कर दिया है।

यह भी पढें   शताब्दी में पहली बार चतुर्योग में रक्षाबंधन,शुभ योग : सुबह 9:31 से 10:46 तक

शहर में सेंसरशिप शासन की व्‍यवस्‍था लागू

जोशुआ वोंग ने ट्वीट किया कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून स‍िर्फ दंडात्‍मक उपाय नहीं है, वरन यह अंतरराष्‍ट्रीय वित्‍तीय शहर पर एक सेंसरशिप शासन की व्‍यवस्‍था को भी लागू करता है। उन्‍होंने कहा मेरी पुस्‍तकें प्रत्‍यर्पण आंदोलन से कई साल पहले प्रकाशित हो गईं थीं, लेकिन अब ये पुस्‍तकें लोकतंत्र के पूजा करने के लिए हो गईं हैं। हांगकांग स्टैंडर्ड ने बताया कि जबकि चीन की अन्य पुस्तकें अभी भी पुस्‍कालयों में उपलब्ध थीं लेकिन ‘ऑन द हांगकांग सिटी-स्टेट’ और ‘हांगकांग स्टेट-सर्वाइवर्स’ को पुस्‍कालयों से हटा दिया गया है। चैन की किताब को समीक्षा के तहत रखा गया है, जबकि उसकी अन्य पुस्तकें अभी भी उपलब्ध हैं।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: