त्रिवि आंशिक प्राध्यापक संघ ने करार की मांग करते हुए किया आन्दोलन
१८ दिसम्बर, काठमांडू ।
रिपोर्ट अंशु झा
त्रि.वि.विश्वविद्यालय के उपकुलपति भवन के आगे त्रि.वि. आंशिक प्राध्यापकों द्वारा पुस २ गते से धरना जारी है । उनलोगों का कहना है कि त्रिभुवन विश्वविद्यालय के आंगिक कैम्पसों में विगत २०६४ साल से अभी तक अध्यापनरत आंशिक प्राध्यापक बौद्धिक शोषण में पडे हैं यह बात क्याम्पस प्रमुख, वैचारिक संगठन, त्रि.वि.के पदाधिकारी तथा त्रि.वि. एवम् नेपाल सरकार सभी जानते हैं ।
त्रिचन्द्र कालेज के एक आंशिक प्राध्यापक शशिकुमार शर्मा जो आंदोलन परिचालन के प्रमुख हैं उन्होंने बताया कि सम्वन्धित कैम्पस से लेकर केन्द्र तक के आंशिक प्राध्यापकों अपने पेशागत हक मांग करते हुए बार बार आन्दोलन कर रहे हैं । यह प्रक्रिया विगत कई वर्षों से चलती आ रही है ।
विगत में विभिन्न समय में तत्कालीन कार्यरत मन्त्री, उपकुलपति, शिक्षाध्यक्ष, रजिष्ट्रार के साथ बार बार सम्झौता के बाबजुद भी त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने आंशिक प्राध्यापकों के साथ किए गए सम्झौता को कार्यन्वयन नहीं कर मनमानी तरीके से आगे बढ रहा है ।
उन्होंने बताया कि २०७४ आश्विन २७ गते शिक्षा मन्त्रालय से गठित वार्ता समिति के संयोजक डा. डिल्लीराज और आंशिक प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधि के बीच निष्कर्ष निकला था उसके अनुसार शिक्षा मन्त्रालय से २०७४ आश्विन २७ गते विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पत्राचार कर त्रिभुवन विश्वविद्यालय में कार्यरत १४२० आंशिक प्राध्यापक को करार होने की बात हुई थी। इसके लिए आवश्यक आर्थिक श्रोत अर्थ मन्त्रालय ने शिक्षा मन्त्रलाय के साथ समन्वय कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा त्रिभुवन विश्वविद्यालय को निकासा देना था, किन्तु मन्त्री स्तरीय निर्णय कार्यन्वयन नहीं किया गया ।
शर्मा ने बताया कि प्राध्यापक के साथ अन्याय कर अतिरिक्त कक्षा व्यवस्थापन, निर्देशिका २०७७ को खारिज कर सरोकारवालाों के साथ चर्चा समन्वय तथा सहमति में नया कार्यविधि जारी कराने के लिए आन्दोलन जारी है ।



