ग्लेशियर के टूटने से अचानक आई विकराल बाढ़ दस शव मिले सौ से अधिक कामगार फसे हुए उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट
चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में रविवार को ग्लेशियर के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद इस दर्दनाक हादसे में 100 से 150 लोगों के बहने की आशंका है। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालांकि, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि नदी के बहाव में कमी आई है जो राहत की बात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ की टीमें लोगों की मदद करने के लिए भेजी जा रही हैं। भारतीय सेना ने छह कॉलम (तकरीबन 600 जवान) को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भेजा है। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि दो Mi-17 समेत तीन चॉपर और एक ALH ध्रुव चॉप देहरादून में है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाई जा सके। जरूरत लगने पर और अधिक चॉपर की सेवा ली जाएगी।
इसके अलावा, सेना ने एनडीआरएफ और उत्तराखंड सरकार की मदद के लिए अपने चॉपर व अन्य जवानों को भी तैनात कर दिया है। सेना ने बताया कि ऋषिकेश के निकट सैन्य स्टेशन सक्रिय रूप से स्थानीय प्रशासन के साथ बचाव और राहत कार्यों में भी शामिल हो गया है। सेना के मुख्यालय से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है।


