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मौजुदा मौलिकताको अव्यवस्थित करनेका किसीको अधिकार नही:पुर्वराजा ज्ञानेन्द्र

 

DSC06782१९,जुन,जनकपुर,कैलास दास । नेपाल के पूर्व सम्राट ज्ञानेन्द्र ने अपनी चिंता जताते हुये कहा है कि तराई के विभिन्न जिला मे जो मैने भ्रमण किया है उस क्रम मे मैने जो देखा,सुना और सम्झा है उसके अनुसार नेपाल की जनता वर्तमान समय मे बहुत ही गम्भीर संकट से गुजर रहा है । उन्होने कहा कि एक सचेत तथा वौध्दिक नेपाली को जो चिन्ता होना चहिये वही चिन्ता मुझे भी हो रहा  ।

जनकपुर के तिरहुतिया गाछी मे भव्य नागरिक अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन  किया गया था । इस अवसर पर पूर्व सम्राट ज्ञानेन्द्र ने राजनेताओं की ओर संकेत करते हुये कहा कि जिस किसी ने भी अपने स्वार्थ पुरा करने के लिये सस्ता नारा और आकर्षक योजना का सहारा लिया लेकिन धरातल पर और व्यवहार मे देखने पर बहुत ही निराशाजनक रहा । उन्होने कहा कि अपना अपना क्षेत्र  का विकास करने के लिए नेपाली जनता को स्वयं सर्तक रहना होगा  ।DSC06776

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उन्होने कहा कि यह नेपाल हमेसा से स्वतन्त्र, सार्वभौम राष्ट्र रहा है और बविष्य मे भी रहेगा। उन्होने आगे कहा कि देश की मौजुदा मौलिकता और एकता को अव्यवस्थित करने का किसी को वा राष्ट्र की कोइ भी विधि व्यवस्था का अधिकार नही है । नेपाल मे रहे विविध भाषा, धर्म, संस्कृति, समाजिक एवं धार्मिक रितिरिवाज आधुनिक राज्य व्यवस्था को किसी को लुप्त करने का अधिकार नही है ।  विविधता और विशेषता के साथ क्षेत्र, समुदाय और राष्ट्र को विकास कैसे किया जाए इस पर सभी को ध्याना जाना चाहिए उन्होने कहा ।

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पूर्व सम्राट ज्ञानेन्द्र ने कहा कि देश मे सबसे बडा दुर्भाग्य वैदेशिक रोजागरी है । अपने देश मे कैसे रोजगार मिलेगा इस पर सभी को ध्याना देना सबसे ज्यादा आवश्यकता है ।

पूर्व सम्राट ज्ञानेन्द्र सुबह ११ बजे जानकी मन्दिर मे पूजा पाठ करने के बाद जनकपुर के एक होटल मे अपने शुभचिन्तको से भेट घाट किया था ।

पूर्व सम्राट ज्ञानेन्द्र द्वारा दिए गए नागरिक अभिनन्दन मे २५ हजार से ज्यादा लोगों की उपस्थिति थी । शुभचिन्तको ने ‘हाम्रो राजा हाम्रो देश, प्राण भन्दा प्यारो छ’ को नारा लगाय था । नागरिक अभिनन्दन मे सम्राट के शुभचिन्तको ने सम्राट का जय-जय कार भी किया था ।

जानकी मन्दिर के महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव की अध्यक्षता मे हुई नागरिक अभिनन्दन को मध्य नजर रखते हुए जनकपुर मे कडी सुरक्षा व्यवस्था किया गया था । जनकपुर के विभिन्न चौक पर सेना तथा पुलिस परिचालन किया गया था ।

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नागरिक अभिनन्दन से पहले स्वागत गान, झिझिया नृत्य का आयोजना किया गया था ।

गुरुवार जलेश्वर के जलेश्वर नाथ मन्दिर मे पूर्व स्रमाट ज्ञानेन्द्र के पूजापाठ करने का  कार्यक्रम रखा गया है ।

इधर राजा के कार्यक्रम के तराई जनतान्त्रिक पार्टी (राजनमुक्ति समूह) ने बहिष्कार किया है । मंगलवार रात मे एक प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित कर दो दिन के लिए धनुषा और महोत्तरी बन्द की घोषणा कीया है । बुधवार जनकपुर और महोत्तरी का बजार खुल्ला रहा परन्तु एक भी सवारी साधन नही चला ।

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