कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद टोक्यो ओलंपिक का आयोजन सफल रहा
कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद टोक्यो ओलंपिक का आयोजन सफल रहा। यह ओलंपिक खेल दूसरों से बिल्कुल अलग रहा। कोरोना महामारी के इस दौर के बीच हमने जो महसूस किया वो शायद ही हमने पहले कभी किया था। मगर हमने साथ में मिलकर इसे साकार कर दिखाया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक ने टोक्यो ओलंपिक 2020 के समापन की औपचारिक घोषणा की। इस खेलों के महाकुंभ में 205 देश, 33 खेल, 339 इवेंट्स और 11 हजार से अधिक एथलीट हिस्सा लिए थे।
भारत इस ओलंपिक में सात पदक के साथ 48वें स्थान पर रहा। ओलंपिक इतिहास में भारत का यह सबसे शानदार प्रदर्शन है। खेलों के महाकुंभ में भाग लेने के लिए इस बार भारत की तरफ से सबसे बड़ा दल (128) टोक्यो पहुंचा था, जिन्होंने कुल 18 स्पोर्ट्स इवेंट में हिस्सा लिया था। सभी खिलाड़ियों ने अपना बेस्ट दिया लेकिन कुछ पदक तक पहुंचने से चूक गए लेकिन कुछ ने बाजी मारी और देश को गौरवान्वित किया। अब अगला ओलंपिक 2024 में पेरिस में होगा।
समापन समारोह के शुरुआत में मंच पर मेजबान जापान का झंडा लाया गया। सभी देशों के झंडे स्टेडियम में एक गोले में दिखाई दिए।समापन समारोह के लिए ओलंपिक स्टेडियम को कुछ इस प्रकार सजाया गया था।रंगारंग कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में कुछ इस तरह का माहौल था।


