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राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल पुरस्कार

 


प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल पुरस्कार करके देश के खिलाड़ियों का सम्मान बढ़ाया है मैं काशी इसी बात के लिए मोदी जी को इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित करने आयी हूंँ। मुझे तब इतनी खुशी नहीं हुई थी जब मुझे राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया था जितना खुशी की अब मुझे हो रहा है जब इसका नाम मेजर ध्यानचंद खेल पुरस्कार रख दिया गया है किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसका लिंग, शारीरिक स्थिति, उम्र इत्यादि कोई मायने नहीं रखता यदि खिलाड़ी मनसे मजबूत हो। मोदी जी के आने से देश में खेल एवं दिव्यांग जनों के लिए वातावरण सुविधाजनक हुआ है उसी का परिणाम है कि ओलंपिक में पदको की संख्या बड़ी है। उक्त बातें पद्मश्री दीपा मलिक अंतरराष्ट्रीय पैराओलंपिक खिलाड़ी ने दिव्यांगजनो को काशी में उच्च स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु पुष्पा खन्ना मेमोरियल निरोग ग्राम वाराणसी के संयोजन से संत चिंतामणि दिव्यांग स्पोर्ट एकेडमी काशी के शुभारंभ कार्यक्रम में कहीं। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल राजभर कैबिनेट मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि लखनऊ में दिव्यांग जनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम का निर्माण किया गया है और आगे ऐसी सुविधाएं बनारस में भी उपलब्ध कराने के लिए मोदी और योगी सरकार कटिबद्ध है योगी जी का कहना है कि दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए बजट की कोई कमी नहीं है।
मंचासीन अतिथियों ने रक्षा सूत्र बांधकर एवं दीप प्रज्वलित कर एकेडमी का शुभारंभ किया विद्वान ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार किया तथा उपस्थित जनसमूह ने हर हर महादेव का उद्घोष किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ नीरज खन्ना ने कहा कि संत चिंतामणि स्वयं दिव्यांग होते हुए भी इतने बड़े विद्यालय का निर्माण कराया आज इस एकेडमी के खुलने से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा रही है। डॉ उत्तम ओझा संयोजक संत चिंतामणि दिव्यांग स्पोर्ट्स अकैडमी काशी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समाजसेवियों के सहयोग से इस एकेडमी की स्थापना की जा चुकी है अब अभिभावकों एवं काशी के लोगों की जिम्मेदारी है कि वे अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को इस एकेडमी से लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। डॉ तुलसी ने कहा कि इस एकेडमी के माध्यम से मानसिक दिव्यांग बच्चों को विशेष रूप से खेल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
कार्यक्रम को मुख्य रूप से केशव जालान व विश्वनाथ दुबे ने संबोधित करते हुए कहा कि हम लोग एकेडमी को हर तरह के साधन एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध।

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कार्यक्रम में मुख्य रूप से रोटेरियन डॉ सहगल, डॉ सुनील मिश्रा, डॉ मनोज तिवारी, मदन मोहन वर्मा संयोजक दिव्यांग प्रकोष्ठ, श्री सुमित सिंह, श्याम जी, चंद्रकला रावत एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन व उनके अभिभावक एवं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ उत्तम ओझा अतिथियों का स्वागत डाँ नीरज खन्ना तथा धन्यवाद ज्ञापन विवेक पांडे ने किया।

डॉ मनोज तिवारी
मो. नं. 94 1599 7828

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