कब तक कम्युनिष्टों से डर कर रहेंगे ? कांग्रेस में अकेल ही चुनावी प्रतिस्पर्धा करने की हिम्मत होनी चाहिएः थापा

काठमांडू, २१ अप्रील । वैशाख ३० गते के लिए तय स्थानीय चुनाव में कम्युनिष्ट पार्टियों के साथ की गई चुनावी तालमेल के प्रति नेपाली कांग्रेस के भीतर तीव्र असंतुष्टियां दिखाई दे रही है । कांग्रेस महामन्त्री गगन थापा ने अपने ही पर्टी सभापति के प्रति असन्तुष्टि व्यक्त करते हुए प्रश्न किया है– ‘कांग्रेस कब तक कम्युनिष्टों से डरेगी ?’
बुधबार नेपाली विद्यार्थी संघ की स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए महामन्त्री थापा ने कहा कि कम्युनिष्टों के साथ जो डर है, कांग्रेस को अब उससे बाहर निकालना होगा । उन्होंने कहा है कि नेपाली राजनीति में कम्युनिष्ट पार्टियों की चरित्र हरदम द्वैध है, ऐसी पार्टी के साथ चुनावी तालमेल करना ठीक नहीं है ।
महामन्त्री थापा ने कहा– ‘कांग्रेस के पास ३२ लाख मतदाता हैं, इस संख्या को बढ़ाने की हिम्मत नहीं रखते हैं तो हम लोगों को हरदम कम्युनिष्ट पार्टियों के साथ डर कर रहना होगा, अगर हम लोग ऐसे ही पराजित मानसिकता लेकर चलते हैं कम्युनिष्ट पार्टी हम लोगों को डरते ही रहेंगे ।’
उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता अनुसार कहां किस के साथ चुनावी तालमेल करना है, इसकी अधिकार स्थानीय तह में होना चाहिए । महामन्त्री थापा को मानना है कि देर–सबेर कम्युनिष्ट पार्टी फिर आपस में मिलनेवाले हैं । उन्होंने आगे कहा– ‘इसीलिए कांग्रेस में अकेले ही चुनावी प्रतिस्पर्धा करने की हिम्मत होनी चाहिए ।’

