साउदी अरब ने बिना किसी सूचना दिए नेपाली नागरिक दाहाल को दिया मृत्युदण्ड
काठमांडू, ३ नवम्बर – जिस साउदी अरब में चार लाख नेपाली कामदार हैं वहाँ अगर किसी को मृत्युदण्ड दे दी जाए और नेपाल सरकार को खबर तक नहीं किया जाए तो दोनों देश कीएक दूसरे के साथ कैसे संबंध हैं इसका पता चलता है । नेपाल उदयपुर के विवेक दाहाल जो पिछले १५ वर्षो से जेल में अपना जीवन बिता रहें थें, और नेपाल बारम्बार क्षमादान के लिए अपिल कर रहा था और अरब सरकार उसे अस्वीकार कर रहा था । क्ष्मादान की अपील करने के बाबजूद इसके साउदी अरब ने बिना किसी तरह के सूचना दिए दाहाल को मृत्युदण्ड दे दिया । ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण खबर है नेपाल के लिए ।
दाहाल ने फरवरी २००७ में मोरङ के राजेन्द्र विष्ट की हत्या की थी और एक सुडानी नागरिक के हत्या का प्रयास किया था ।
घटना कुछ इस तरह से हुई थी कि २००६ में दाहाल साउदी अरब कमाने के लिए गया था । वहाँ वह ऊँट के देखरेख का काम करता था । जहाँ उसके साथ राजेन्द्र विष्ट और सुडानी नागरिक भी ऊँट देखरेख का ही काम करते थे । २ फरवरी २००७ की रात को दाहाल ने सोते हुए विष्ट और सुडानी नागरिक की हत्या का प्रयास किया जिससे विष्ट की तत्काल ही मृत्यु हो गई और सुडानी नागरिक की आँख में क्षति पहुँची थी । दाहाल को वही गिरफ्तार कर रखा गया था । वैसे विष्ट के परिवार वालों ने २०११ को आममाफी देने का भी निवेदन दिया था । लेकिन साथ में सुडानी नागरिक भी था जो उपचार के बाद सम्पर्कविहिन हो गया तो यह कहा गया कि कि विष्ट परिवार की ओर से आममाफी तो मिली लेकिन सुडानी परिवार की ओर से नहीं इसलिए अदालत से भी माफी नहीं मिली । अंततः दाहाल को मृत्युदण्ड की सजा मिली । यहाँ तक की साउदी ने दाहाल के शव तक को नेपाल नहीं भेजा ताकि यहाँ उसका अंतिम संस्कार हो सकें । साउदी बिना किसी तरह के सूचना दिए ही दाहाल के शव को परिवार के बिना सहमति में ही वही दफन कर दिया और दफन करने के ४८ घंटे के बाद नेपाली दूतावास को खबर की । नेपाली दूतावास के लिए भी यह सूचना दुखद थी क्योंकि बार बार क्षमा याचना की गई थी । नेपाली दूतावास स्वयं आश्चर्यचकित है इस खबर से । उनका कहना है कि –ये हमारे लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है । माफी मिलेगी हम निश्चििंत थे लेकिन अचानक से मृत्युदण्ड को कार्यान्वयन कर लिया गया । इस खबर से हम बहुत दुखी हैं । जेल प्रशासन ने जेल परिसर में ही मृत्यु दण्ड दिया । इस बात क िजानकारी दूतावास ने दी । दाहाल के बारे में अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि ये हत्या नियोजित तरीके से हुई है । इसलिए मृत्युदण्ड की सजा मिली ।
न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने के बाद दाहाल के दिए नेपाल ने उसके जीवन रक्षा के लिए बार बार क्षमादान की मांग कर रही थी । यहाँ तक की राष्ट्रपति द्वारा भी साउदी के राजा के समक्ष भी क्षमादान पत्र भेजा गया था । लेकिन कोइृ सुनवाई नहीं हुई ।
अभी की अगर बात करें तो साउदी के जेल में सजा काट रहें लगभग ५०० लोग हैं । नेपाल सरकार और साउदी के बीच किस तरह का कानून काम करेगा ये अभी नजर नहीं आ रहा है । सरकार क्या कदम उठाती है ये भी नहीं कहा जा सकता है ।

