भारत और नेपाल के बीच सात समझौतों पर हस्ताक्षर
काठमांडू, १९ जेठ

नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड अभी अपनी भारत यात्रा पर हैं । प्रधानमंत्री प्रचंड आज उज्जैन और इंदौर भी जाएंगे।
माओवादी विचारधारा के प्रचंड को अभी तक पूजापाठ या मंदिरों में जाते नहीं देखा गया है । संभवतः इस भ्रमण से वह अपने आप को हिन्दूत्व विचारधारा से अलग नहीं होने का विश्वास दिलाना चाहते हैं ।
वहाँ दोनों देश के प्रधानमंत्री एक दूसरे से बहुत ही गर्मजोशी से मिले हैं । भारतीय प्रधानमंत्री ने प्रचंड और अपनी जोड़ी को हिट जोड़ी बताया और कहा कि वैसे तो नेपाल के साथ हमारा बहुत ही पुराना और गहरा रिश्ता है इसे हम और भी मजबूत बनाएंगे । इसके लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण काम किए हैं । कुछ महत्वपूर्ण मामलों पर हस्ताक्षर भी किए है । आनेवाले समय में नेपाल और भारत का संबंध और भी प्रगाढ़ होगा ।
भारत भ्रमण के दौरान दोनों देश के बीच सात समझौते पर हस्ताक्षर किए गए । भारत और नेपाल के बीच व्यापार और वाणिज्य, सीमापार पेट्रोलियम पाइपलाइन बिछाने, एकीकृत चेकपोस्ट विकसित करने, पनबिजली परियोजनाओं और भुगतान प्रणाली के क्षेत्र में सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड के बीच दिल्ली में हुई शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए । चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के बीच अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, अवसंरचना, शिक्षा और लोगों से लोगों के बीच सम्पर्क को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराया ।
एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंधों को सशक्त बनाने के लिए उन्होंने २०१४में अपनी नेपाल यात्रा के दौरान हिट–फार्मूला दिया था, जिसके तहत राजमार्गों, संचार सम्पर्क और ट्रांसवेज्स को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है । उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की गई । उन्होंने कहा कि आज हुए समझौते में नेपाल से अगले दस वर्षों में दस हजार मेगावाट बिजली खरीदने का लक्ष्य रखा गया है ।
प्रधानमंत्री प्रचंड ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में हो रही तरक्की की भी सराहना की । उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में दशकों पुराने संबंध रहे हैं ।
दोनों देश के प्रधानमंत्री ने बाद में बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड के लिए पहली कार्गो रेलगाडी को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने रूपईडिहा से नेपालगंज और सोनौली से भैराहवा के बीच एकीकृत चेक पोस्ट का भी उदघाटन किया । दोनों नेताओं ने मोतीहारी से अमलेखगंज के बीच पाइपलाइन परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी। उन्होंने गोरखपुर और न्यू बुटावल के बीच द्धण्ण् किलोवाट क्षमता वाले बिजली पारेषण सब स्टेशन के निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया।

इसी बीच प्रधानमंत्री प्रचंड उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की । इससे पहले, सुबह उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।


