कलम के सच्चे सिपाही कभी मरता नहीं है:-सभापति राम चंद्र मंडल
जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर। कलम के सच्चे सिपाही कभी नहीं मरता है।उनका नश्वर शरीर भले ही पंचतत्व विलीन हो जाए लेकिन आत्मा अजर अमर रहता है।उनकी यश कृति को हमेशा याद की जाती है। उपयुक्त बातें मंगलवार को वेला मेंप्रदेश सभा के सभापति राम चंद्र मंडल प्रजातंत्र तथा प्रेस स्वतंत्रता सेनानी स्व.राजेश्वर नेपाली की 80वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए कहीं।आगे उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही नेपाली जी राजतंत्र को समाप्त करने के लिए सक्रिय थे।वे प्रजातंत्र स्थापना के लिए उन्होंने पत्रकारिता पेशा को चुना। वे प्रजातंत्र स्थापना के लिए अपने कलम का इस्तेमाल किया।इस कारण से वे कई बार उन्हे जेल जाना पड़ा।वे नेपाल के अलावा भारत के आर्यावर्त, दिनमान , हिन्दुस्तान, कादम्बिनी में नेपाल के प्रजातंत्र स्थापना से जुड़ी आलेख भेजते थे। स्व. राजेश्वर नेपाली नेपाली जी नेपाली,हिन्दी, मैथिली के अच्छे साहित्यकार थे। इस अवसर पर जसपा नेत्री तथा प्रदेश सांसद किरण कुमारी साह ने कहा कि नेपाली जी हिंदी को नेपाल में हिन्दी को संपर्क भाषा हिंदी को मान्यता दिलाने के लिए मरते समय तक लड़ते रहे।वे शहीद दुर्गानंद झा को सम्मान दिलाने के लिए जो काम किए हैं।वह सराहनीय है। नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषा के पूर्व अध्यक्ष अशोक रौनियार की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में जनकपुरधाम उप महानगरपालिका के उप मेयर किशोरी साह,राम भरत साह ,श्री नारायण साह नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषा के उपाध्यक्ष अवधेश कामत ने भी नेपाली जी के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डालें। रंगबाटिका नेपाल द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया था।इसका संचालन उपेन्द्र भगत नागवंशी ने किया।इस दौरान उनकी जयंती के अवसर पर ढल्केवर भिट्ठामोड़ सड़क खंड में विभिन्न प्रजातियों के 80पौधा रोपण किए गये। यहां जानकारी करा दें कि नेपाली जी का निधन 28अगस्त को हो गया है।

