Fri. Oct 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल सीता की जन्मभूमि है, जनक की स्थली है और राम का ससुराल है : श्वेता दीप्ति

 
मन्तव्य देती हुई डॉ श्वेता दीप्ति

 प्रतापगढ़ । हिंदुस्तानी एकेडेमी उत्तर प्रदेश प्रयागराज और मुनीश्वर दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में विद्वानों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया। इस संगोष्ठी में नेपाल से आई डॉ.श्वेता दीप्ति ने राम के आदर्शों पर चलने की बातें की। डॉ.श्वेता दीप्ति का कहना था कि नेपाल तो सीता की जन्मभूमि है,जनक की स्थली है। राम का ससुराल है, नेपाल से अयोध्या का जो संबंध है, वह मन और शरीर का संबंध है। जहां हृदय एक दूसरे से जुड़े होते हैं। हमारे आत्मीय संबंध भौगोलिक संबंधों की दूरी भी कम कर देते हैं। लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के आचार्य श्री राम पांडे ने राम के आदर्शों को विशिष्ट प्रकार से प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता के रूप में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय से प्रोफेसर संजीव दुबे जी पधारे। उन्होंने अवध क्षेत्र में राम की संस्कृति, चित्रकूट में राम के वनवास और पंचवटी में राम के मानवीय रूप को प्रस्तुत किया। राम भारतीय संस्कृति के आधार हैं। राम लोगों की धमनियों में धड़कते हैं।राम लोगों तक पहुंचते हैं। राम लोगों के मन मस्तिष्क में बसते हैं। बीएनकेबी कॉलेज के प्रोफेसर सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि हमारा नाता तो अवध से ही है। राम की जन्मभूमि अवध है और हमारी जन्मभूमि भी अवध है। हम इस भूमि में पैदा होकर हम राम के लिए समर्पित हैं। हमारा समर्पण हमारी भक्ति भारतीय संस्कृति है और हमारे आराध्य राम है। राम जन– जन के हैं, राम सब में हैं। सब राम में है। राम से पृथक और कोई नहीं है। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री प्रमन मिश्र ने की,उन्होंने आगंतुओं का आभार व्यक्त किया। समापन सत्र में प्रोफेसर उषा तिवारी विभागाध्यक्ष हिंदी ने वक्ताओं के अलग-अलग दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया और उसे समाहार करके उनके आदर्श चरित्र पर चलने अनुकरण करने की बात की। सवापन सत्र में अनेक विद्वानों को सम्मान से विभूषित किया गया। प्रोफेसर संजीव कुमार दुबे को सुरेश चंद्र स्मृति साहित्य सम्मान दिया गया। प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार मिश्र को विद्या शंकर पाण्डे साहित्य भूषण सम्मान दिया गया। प्रोफेसर राजीव मालवीय को विद्या शंकर पांडे साहित्य भूषण सम्मान दिया गया। प्रोफेसर ओंकारनाथ द्विवेदी को विद्या शंकर पांडे साहित्य भूषण सम्मान दिया गया। सर्वे सिंह को राम चन्द्र शुक्ल साहित्य सम्मान दिया गया। संगोष्ठी के संयोजक डॉक्टर अरुण कुमार मिश्रा रहे संचालन डॉक्टर संजय कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रोफेसर सुधांशु त्रिपाठी, प्रोफेसर राधा कृष्णा दुबे, प्रोफेसर अमिता मिश्रा, प्रो गीता शुक्ला, प्रो किरण मिश्रा, प्रोफेसर अरविंद मिश्रा, प्रोफेसर उषा तिवारी, प्रोफेसर उषा दुबे, डॉ. अरविंद कुमार मौर्य वर्मा डॉ. शैलेश कुमार पांडे डॉ. अभिषेक सिंह. डॉक्टर मुक्त वर्मा डॉक्टर रेखा मिश्रा उपस्थित रहे।

यह भी पढें   बैष्ण्वी नवरात्रि दुर्गा पूजा के अवसर पर राम कथा का आयोजन

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com