संयुक्त राष्ट्र ने कहा– २०२४ अब तक का सबसे गर्म साल
काठमांडू, कार्तिक २६ – संयुक्त राष्ट्रसंघ के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्लुएमओ) ने कहा सन् २०२४ अब तक का विश्व का ही सबसे ज्यादा गर्म साल रहा है ।
डब्ल्यूएमओ ने निष्कर्ष निकाला कि जनवरी और सितंबर के बीच विश्वव्यापी औसत तापक्रम १९वीं शताब्दी के अंत के तापक्रम से लगभग १.५४ डिग्री सेल्सियस अधिक था ।
सन् २०१५ में पेरिस में हुए सम्मेलन से २०० देशों ने जलवायु परिवर्तन से जो खराब प्रभाव पड़ रहा है उस प्रभाव को कम करने की आशा में तापक्रम के बढ़ते स्तर को सीमित रखने का प्रयास करने का वचन भी दिया था ।
मौसम विज्ञान संगठन ने इसके साथ ही अन्य चिन्ताजनक निष्कर्ष भी सार्वजनिक की है । महासागर बहुत जल्दी गरम हो रहा है, वही हिमनदियों के पिघलने का क्रम बढ़ रहा है । सन् २०२३ में विश्व के हिमनदियों (ग्लेशियरों) से टूटी बर्फ की मात्रा सन् १९५३ में माप शुरु होने के बाद से सबसे अधिक थी ।
इसी तरह समुद्री सतह भी बढ़ रहा है । सन् २०१४ से २०२३ तक विश्वव्यापी औसत समुद्री स्तर प्रति वर्ष ४.७७ मिलिमीटर बढ़ा गया, जो की जुन् १९९३ और २००२ के बीच की दर से दोगुना है ।
जलवायु वैज्ञानिकों ने बहुत वर्षो से इन विषयों में विभिन्न अनुसन्धान करते आ रहे हैं ।

