भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह पर पहली बार दिखेगी तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी
मित्र राष्ट्र भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत की सैन्य क्षमता के साथ सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता और विकास का अद्भुत संगम दुनिया कर्यतव्य पथ देखेगी. संविधान के 75 साल और जन भागीदारी की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. वहीं, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रभोवो सुबियांतो बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में मौजूद होंगे.
गणतंत्र दिवस परेड की शुरूआत 10:30 बजे होगी और यह समारोह करीब 90 मिनट तक चलेगा. इस दौरान, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, इसके बाद वे कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए पहुंचेंगे. इसके बाद, परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और उसके बाद राष्ट्रीय गीत होगा, जिसमें 21 तोपों की सलामी दी जाएगी.
इस दौरान, 300 सांस्कृतिक कलाकार ‘सारे जहां से अच्छा’ गाने पर विभिन्न भारतीय वाद्ययंत्रों से संगीत बजाएंगे और हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की जाएगी. इसके बाद, गणतंत्र दिवस समारोह की शुरूआत ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ की थीम से सजी 31 झांकियों के साथ होगा. इस वर्ष 5,000 कलाकारों द्वारा भारत की विभिन्न नृत्य शैलियों का प्रदर्शन करेंगे.
सेना की यह झांकी तीनों सेनाओं के बीच एकता और समन्वय को दिखाएगी. इस वर्ष समारोह के दौरान करीब 10,000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें जलवायु कार्यकर्ता, शहीद सैनिकों के परिवार और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. इन मेहमानों में वे विशिष्ट मेहमान भी शामिल हैं, जिन्होंने ‘स्वर्णिम भारत’ के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है.


