मधेश प्रदेश में पूर्व एमाले सरकार के सभी निर्णय रद्द
काठमांडू। मधेश प्रदेश सरकार ने 23 कात्तिक से 17 मंसिर तक एमाले नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार द्वारा किए गए सभी स्थानांतरण, काज (डेपुटेशन), जिम्मेदारी परिवर्तन तथा अतिरिक्त जिम्मेदारी से जुड़े फैसलों को रद्द करने का निर्णय लिया है।
नए गठित मंत्रिपरिषद् के कार्यकाल में मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय सहित विभिन्न मंत्रालयों से किए गए सभी प्रशासनिक स्थानांतरण और काजसम्बन्धी निर्णय निरस्त कर दिए गए हैं। मधेश प्रदेश के मंत्री कनिष पटेल के अनुसार, यह कदम एमाले सरकार द्वारा लिए गए सभी निर्णयों को अमान्य करने का हिस्सा है।

इसी क्रम में, उद्योग, वाणिज्य तथा पर्यटन मंत्रालय, मधेश प्रदेश के प्रदेश सचिव जयकुमार घिमिरे को अगले आदेश तक अपने मूल कार्यवाहियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सहित निमित प्रमुख सचिव का दायित्व सौंपा गया है।


प्रदेश सरकार ने कैंसर, किड्नी, हृदय रोग आदि जैसे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा आर्थिक सहायता को बिना रोकटोक जारी रखने के लिए स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय को निर्देश दिया है। यदि निर्धारित बजट अपर्याप्त हुआ तो प्रदेश अर्थ मंत्रालय आवश्यक अतिरिक्त बजट प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराएगा।
बाढ़, डूबान, आगजनी और वर्तमान शीतलहर जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संभावित आपदाओं से जनधन की क्षति कम करने के लिए पूर्वतयारी, खोज–उद्धार, राहत तथा पुनर्स्थापन को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सुरक्षा निकायों, स्थानीय तहों और अन्य सरोकार वाले पक्षों के साथ समन्वय गृह, संचार तथा कानून मंत्रालय आगे बढ़ाएगा।
इसके अलावा, सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से जुड़े कार्यों को अधिक परिणाममुखी और जनउत्तरदायी बनाने के लिए आवश्यक नए कानूनों का मसौदा शीघ्र तैयार करने और पुराने कानूनों में आवश्यक संशोधन प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्णय लिया है।

