प्रतिनिधिसभा भंग होने के खिलाफ कांग्रेस भी पहुँचा सुप्रीम
काठमांडू, ६ दिसंबर २०२५ – नेपाली कांग्रेस ने भी प्रतिनिधिसभा विघटन के खिलाफ नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में अलग से रिट याचिका दाखिल कर दी है। पार्टी के मुख्य सचेतक श्याम घिमिरे सहित कुल ७ लोगों की ओर से यह रिट दायर की गई है।इससे पहले नेकपा (एमाले) ने भी प्रतिनिधिसभा विघटन के खिलाफ अलग से रिट दाखिल की थी। दोनों प्रमुख दल अलग-अलग याचिकाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुँचे हैं।सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अर्जुन कोइराला ने बताया कि कांग्रेस की याचिका अभी अध्ययन के क्रम में है। इसे संवैधानिक इजलास में दर्ता के लिए पेश किया गया है और सोमवार को दर्ता संबंधी फैसला लिया जाएगा।अब तक सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधिसभा विघटन से जुड़ी दो प्रमुख राजनीतिक दलों की याचिकाएँ तथा सार्वजनिक सरोकार के तहत १७ अन्य रिट सहित कुल १९ मुकदमे विचाराधीन हैं।
एमाले और अन्य १७ याचिकाओं पर पहले ही प्रारंभिक सुनवाई हो चुकी है, जबकि कांग्रेस की याचिका पर अभी सुनवाई बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सभी पुरानी याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई करने का आदेश दे रखा है। कांग्रेस की याचिका भी दर्ता होने के बाद उसी क्रम में शामिल कर ली जाएगी।कोर्ट सभी याचिकाओं को एक साथ सुनकर एकमुश्त फैसला सुना सकता है।
पृष्ठभूमि
गत २३-२४ भाद्र (सितंबर) में हुए ‘जेन-जी आंदोलन’ और बड़े प्रदर्शनों के बाद २७ भाद्र को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में नई सरकार बनी थी। सुश्री कार्की ने शपथ लेते ही प्रतिनिधिसभा भंग करने की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने तुरंत मंजूरी दे दी थी। इसी फैसले को अब प्रमुख विपक्षी दल चुनौती दे रहे हैं।
गत २३-२४ भाद्र (सितंबर) में हुए ‘जेन-जी आंदोलन’ और बड़े प्रदर्शनों के बाद २७ भाद्र को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में नई सरकार बनी थी। सुश्री कार्की ने शपथ लेते ही प्रतिनिधिसभा भंग करने की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने तुरंत मंजूरी दे दी थी। इसी फैसले को अब प्रमुख विपक्षी दल चुनौती दे रहे हैं।

